*देशसेवा का संकल्प: केरिया गांव के लाल शिवम धुर्वे का अग्निवीर बनने पर ऐतिहासिक स्वागत*
*बचपन का सपना हुआ पूरा; भोपाल ARO से मिला था जॉइनिंग लेटर, बिहार के दानापुर में ली ट्रेनिंग, अब असम में संभालेंगे मोर्चा
रानीपुर ।
घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सीताकामथ के छोटे से गांव केरिया में आज सुबह का सूरज एक अलग ही गौरव लेकर उगा। देश सेवा का जज्बा दिल में पाले 20 वर्षीय शिवम धुर्वे (पिता सरवन धुर्वे) जब अग्निवीर की कठिन ट्रेनिंग पूरी कर पहली बार अपने गृहग्राम लौटे, तो पूरे इलाके में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों और स्थानीय पंचायत ने पलक-पावड़े बिछाकर अपने इस लाडले का ऐसा भव्य स्वागत किया कि हर आंख खुशी से छलक उठी।
जैसे ही शिवम ने गांव की सीमा में कदम रखा, भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से पूरा आसमान गूंज उठा। ढोल-ताशों की थाप पर थिरकते ग्रामीणों और युवाओं के हुजूम ने शिवम को कंधों पर उठा लिया।
सरपंच और ग्रामीणों ने किया पलक-पावड़े बिछाकर सम्मान
ग्राम पंचायत सीताकामथ की सरपंच शम्मी मनतु सलाम और प्रबुद्ध ग्रामीणों ने इस गौरवमयी पल को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सरपंच और ग्रामीणों ने शिवम को फूलों की विशाल मालाएं पहनाईं, तिलक लगाया और आरती उतारकर उनका भव्य नागरिक अभिनंदन किया।
“शिवम ने न सिर्फ अपने माता-पिता का, बल्कि पूरे घोड़ाडोंगरी ब्लॉक और हमारी पंचायत का नाम देश के पटल पर रोशन किया है। आज का दिन हमारे गांव के इतिहास में दर्ज हो गया है।”
— शम्मी मनतु सलाम, सरपंच (ग्राम पंचायत सीताकामथ)
अप्रैल 2025 में भरा था फॉर्म, कड़े परिश्रम से पाई सफलता
साक्षात्कार के दौरान अग्निवीर शिवम धुर्वे ने अपनी इस सफलता के सफर को साझा किया। शिवम ने बताया कि बचपन से ही उनके दिल में देश की रक्षा करने और सेना की वर्दी पहनने का जुनून था। इसी संकल्प के साथ उन्होंने अप्रैल 2025 में अग्निवीर भर्ती का फॉर्म भरा था। अपनी शारीरिक और मानसिक दक्षता के बल पर उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के हर चरण को पार किया। इसके बाद भोपाल सेना भर्ती कार्यालय (ARO) से उन्हें आधिकारिक तौर पर जॉइनिंग लेटर जारी किया गया।
दानापुर में तपी सेना की भट्टी, अब असम में देश की सुरक्षा का जिम्मा
चयन के बाद शिवम को ट्रेनिंग के लिए बिहार भेजा गया था। उन्होंने बिहार के दानापुर सैन्य कैंप में बेहद कठिन और अनुशासित ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा किया। सेना की इस सख्त भट्टी में तपकर देश सेवा के लिए पूरी तरह तैयार हो चुके शिवम की पहली पोस्टिंग सामरिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य असम में की गई है। वे जल्द ही असम में अपनी यूनिट जॉइन कर देश की सीमाओं की सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे।
‘सफलता का पूरा श्रेय माता-पिता के त्याग को’
अपनी इस अभूतपूर्व कामयाबी और ग्रामीणों से मिले अगाध स्नेह से अभिभूत शिवम धुर्वे ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को दिया। भावुक होते हुए शिवम ने कहा कि माता-पिता के आशीर्वाद, त्याग और प्रेरणा के बिना इस मुकाम तक पहुंचना नामुमकिन था। केरिया गांव के इस युवा की सफलता ने क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी देश सेवा की राह पर चलने की एक नई प्रेरणा जगा दी है।