*विश्व पर्यावरण दिवस पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 को लेकर विशेष सम्मेलन में चर्चा, पर्यावरण बचाने, सिंगल यूज पालीथीन का उपयोग नहीं करने का संकल्प*
_पी.पी.टी. प्रजेंटेशन के माध्यम से दी नियम की जानकारी, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पार्षदगण एवं जनप्रतिनिधियों की नियम में भागीदारी को लेकर प्रशिक्षण।_
सारनी। नगर पालिका सभाकक्ष में शुक्रवार 5 जून को विशेष सम्मेलन के तहत विश्व पर्यावरण दिवस को लेकर ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन नियम 2026 को लेकर एक सत्र का आयोजन किया गया। इस मौके पर नए नियम को लेकर परिषद के जनप्रतिनिधियों को पी.पी.टी. प्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी गई। उन्हें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पार्षदगणों, जनप्रतिनिधियों की नियम में भागीदारी बिंदुवार जानकारी प्रदान की गई।
नगर पालिका में उक्त सत्र शुक्रवार को दोपहर 3 बजे से आयोजित किया गया। इसमें नगर पालिका अध्यक्ष किशोर बरदे, उपाध्यक्ष जगदीश पवार, विधायक प्रतिनिधि सुधा चंद्रा, पार्षदगण छाया अतुलकर, ज्योति नागले, चंद्रा सोनेकर, प्रवीण सोनी, शिवकली नरें, हरिता पाल, इशरत बी, रूपलाल बेलवंशी, बेबी ठाकुर, योगेश बर्डे, गणेश महस्की, मो. ताहिर अंसारी, मो. जफर अंसारी, महेंद्र भारती, अनीता बेलवंशी, अजाबराव धोटे, आकाश पंद्राम, बेबी बिंझाड़े, रेखा मायवाड़, मनोज कुमार डेहरिया, आनंद पिंटिश नागले, रेखा भलावी, दशरथ सिंह जाट, एल्डरमैन विनय मदने, रमेश पवार, संजीत चौधरी, रमेश हारोड़े, सरोज विश्वकर्मा, सुनीता यादव, मुख्य नगर पालिका अधिकारी सी. के. मेश्राम, उपयंत्री रविंद्र वराठे, कमलेश पटेल, नितिन मीणा, सेनेटरी इंस्पेक्टर केके भावसार उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रजेंटेशन के माध्यम से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 से परिवर्तित हुए 2026 नियम की संपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। कचरे को अब गीला-सूखा दो समूह में विभक्त ना कर चार समूह गीला, सूखा, सेनेटरी, एवं इलेक्ट्रॉनिक समूह में विभक्त कर अलग-अलग लेने। एमआरएफ सेंटर में छंटाई, रिसाइकिलिंग, रियूज एवं रिड्यूज जैसी जानकारी प्रदान की गई। उन्हें पर्यावरण संरक्षण, सिंगल यूस पालीथीन का प्रयोग नहीं करने का संकल्प भी दिलाया गया।