मां काली विसर्जन जुलूस पथराव के अज्ञात आरोपी को 10 दिन में भी नहीं पकड़ पाई पुलिस, हिन्दू संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी

Pramod Suryavanshi

मां काली विसर्जन जुलूस पथराव के अज्ञात आरोपी को 10 दिन में भी नहीं पकड़ पाई पुलिस, हिन्दू संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी

जवाबदेही तय कर 7 दिन में गिरफ्तारी की मांग; पुलिस की निष्क्रियता से हिंदू समाज में भारी रोष

विलंब से FIR दर्ज करने के बाद भी आरोपी का सुराग नहीं, लापरवाही का आरोप

आमला। आमला नगर में दिनाँक 01/11/2025 को माँ काली विसर्जन के शांतिपूर्वक जुलुस पर मुस्लिम समुदाय बहुल क्षेत्र पीरमंजिल चौक में हुए पथराव के अज्ञात आरोपियों को आमला पुलिस आज 10 दिन बाद भी पता लगाने में नाकाम रही है। पुलिस की इस निष्क्रियता और लापरवाही पूर्ण कार्यप्रणाली पर हिंदू जागरण मंच और सर्व हिन्दू समाज ने रोष व्यक्त करते हुए प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है और 7 दिवस के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर घटनास्थल पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

ज्ञापन में बताया गया कि पथराव की इस घटना में प्रफुल सिंह तोमर वल्द खुश्यालसिंह तोमर को सिर में गंभीर चोटें आई थीं। आहत द्वारा घटना की सूचना तत्काल दिनॉक 01/11/2025 को ही थाना आमला में दी गई थी, लेकिन पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाते हुए एफ.आई.आर. दूसरे दिन 02/11/2025 को दर्ज की। इतने संवेदनशील और गंभीर मामले में 10 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी का पता नहीं लग पाना आमला पुलिस की निष्क्रियता का जीता जागता प्रमाण है। संगठनों ने कहा कि पुलिस की यह विफलता न केवल अज्ञात आरोपी के हौसलों को बुलंद कर रही है, बल्कि सकल हिन्दू समाज में रोष भी उत्पन्न कर रही है।

शहर में कानून व्यवस्था चौपट, चोरी, बलात्कार और अवैध गतिविधियों पर पुलिस मौन

सर्व हिन्दू समाज ने ज्ञापन के माध्यम से शहर की लचर कानून व्यवस्था और पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। ज्ञापन में उल्लेखित अन्य समस्याएं निम्नलिखित हैं:

बलात्कार आरोपी की गोपनीय गिरफ्तारी: हाल ही में बच्ची के साथ हुए बलात्कार की घटना में आरोपियों को गुपचुप तरीके से गिरफ्तार कर सीधे न्यायालय में पेश कर दिया गया, जबकि समाज जुलूस निकालकर प्रदर्शन करना चाहता था।

बढ़ती चोरी की घटनाएं: शहर में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। रेलवे में 4 जगह और वायुसेना में चोरी की गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन चोरों का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।

खुलेआम सट्टा-जुआ: शहर में खुलेआम जुआ और सट्टा संचालित हो रहा है। सट्टा चलाने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण युवा वर्ग आपराधिक गतिविधियों की ओर जा रहा है।

अवैध मादक पदार्थों की बिक्री: शहर में अवैध मादक पदार्थ गांजा की खुलेआम बिक्री हो रही है। रेलवे, हवाई पट्टी और बस स्टैंड जैसी सार्वजनिक जगहों पर गांजे का सेवन करते लोग दिखाई दे रहे हैं, पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

मंदिरों के पास अवैध शराब बिक्री: शहर के मंदिरों के आस-पास, बस स्टैंड, शेरावाली दरबार के पास और हनुमान मंदिर (पुराने पुलिस थाने के सामने) बस स्टैंड पर खुलेआम होटलों में अवैध अंग्रेजी शराब की बिक्री पर भी पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर रही है।

स्कूलों के पास छेड़छाड़: शहर के निजी स्कूलों के आस-पास दुकानों के सामने बच्चियों के साथ ‘चिटाकसी’ (छेड़छाड़) की घटनाएं हो रही हैं। पुलिस द्वारा गश्त नहीं किए जाने से मनचलों के हौसले बुलंद हैं।

अल्टीमेटम: 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन

ज्ञापन में मांग की गई है कि शासन-प्रशासन थाना आमला के जिम्मेदार अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित करे। पथराव के अज्ञात आरोपी का पता लगाकर उसके विरुद्ध दाण्डिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

हिंदू संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिवस में उक्त घटना की संवेदनशीलता को समझते हुए अज्ञात आरोपी का पता लगाकर उसके विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही नहीं की गई, तो सर्व हिन्दू संगठनो को घटनास्थल पर आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी सम्पूर्ण जवाबदेही पुलिस प्रशासन आमला की होगी।

ज्ञापन सौंपते समय राज सिंह परमार, अमन जादव, अमित यादव, नितिन ठाकुर, बंटी मिश्रा, जस्सी पांडे, कमल डांगे, सावन चौहान, अजय गंगारे, शुभम खातरकर, अभिषेक टिकारे, प्रफुल्ल तोमर, संजू साहू, चंदन जैन, वंदना सोनी, धन्ना सोनी, पंकज सोनी, संजू यादव, अमन सिंह परमार एवं अन्य 50 से अधिक जनसामान्य उपस्थित थे।