जनशताब्दी वर्ष के अवसर पर घोड़ाडोंगरी में हुआ आरएसएस का हुआ विशाल पथ संचलन

 

(घोड़ाडोंगरी)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने सौवे स्थापना दिवस पर घोड़ाडोंगरी में एक भव्य पथ संचलन का आयोजन किया। समारोह का आरंभ मुख्य अतिथि कवि श्री संतोष जैन,जिला संघ चालक श्री बुधपाल सिंग काकोडीया, एवं नर्मदापुरम से कार्यक्रम में बौद्घिक देने पधारे श्री सेठा जी ने भारत माता एवं हेडगेवार जी,पूजनीय गुरुजी के छाया चित्र में माल्यार्पण कर एवं ध्वज पूजन के कार्यक्रम की शुरुवात की तत्पश्चात सतपुड़ा मैदान से पथ संचलन प्रारंभ हुआ जिसमें सैकड़ों स्वयं सेवक शामिल हुए। सतपुड़ा मैदान से प्रारंभ हुआ संचलन मुख्य मार्ग से होते हुए हॉस्पिटल चौक,बजरंग कालोनी,भवानी चौक,इमली मोहल्ला,सेंट्रल चौक,दुर्गा चौक,काली चौक, होली चौक,एकता चौक,मालवीय मोहल्ला से होते हुए पुनः सतपुड़ा मैदान पहुंचा

पथ संचलन के दौरान नगर में नगर वासियों ने जगह जगह पुष्प वर्षा कर एवं आतिशबाजी कर पथ संचलन का स्वागत किया इस अवसर पर मुख्य वक्ता श्री सेठा ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू समाज को जातियों में बंटने की बजाय एकत्रित होकर रहना चाहिए। गांव में एक ही कुएं से पानी पीना चाहिए। हिंदू समाज एक है, उसे जातियों में नहीं बांटना चाहिए।स्वयंसेवक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा की आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव राम बलिराम हेड़गेबार ने वर्ष 1925 में विजय दशमी के दिन आरएसएस की स्थापना की थी।संघ का कार्य न किसी को डराना नहीं है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सोए हुए समाज को जगाया, जिससे सनातन धर्म की रक्षा हुई। उन्होंने कहा कि आरएसएस के स्वयंसेवक देश के सच्चे सिपाही और सैनिक है जो हमेशा राष्ट्रहित की बात को सर्वोपरि मानते हैं । संघ का कार्य न किसी को डराना है और न ही डरना है। संघ ने देश को विकसित बनाने में अपनी अहम भमिका है। पथसंचलन के दौरान भारी संख्या मे पुलिस बल मौजूद रहा।साथ ही बड़ी संख्या में स्वयंसेवक मौजूद रहे।

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