वन्य प्राणी सांभर का षिकार करने वाले आरोपी को 02 वर्ष का कठोर कारावास एवं कुल 5,000रू. के जुर्माने से दंडित किया गया।
माननीय न्यायालय न्यायिक मजिस्टेªट प्रथम श्रेणी बैतूल (म.प्र.), ने वन्य प्राणी सांभर का षिकार करने वाले आरोपी बस्तीराम पिता प्यारे, उम्र-30 वर्ष, निवासी-पाहावाड़ी, थाना आमला, जिला-बैतूल को धारा 9,51,52 वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के अपराध का दोषी पाते हुए 02 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5,000रू. के जुर्माना से दण्डित किया गया। प्रकरण में म.प्र. षासन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री अजीत सिंह द्वारा पैरवी की गई।
प्रकरण का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 10-02-2017 को वन परिक्षेत्र रानीपुर को मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम साजपुर में वन्य प्राणी का षिकार किया गया है, मुखबिर सूचना के आधार पर दल गठित कर वन अमला साजपुर निवासी लच्छु के घर पहुंचा, लच्छु के घर से खून से सनी बेसा सहित कुल्हाड़ी जप्त की गयी, मौके की कार्यवाही का पंचनामा बनाया गया। लच्छु ने पूछताछ में बताया कि उसने साथी बस्तीराम तथा बिसौरी के साथ मिलकर वन्य प्राणी सांभर का षिकार किया था, कुल्हाड़ी से सांभर का मांस काटकर पकाने के उद्देष्य से लेकर
आये है। लच्छु के बताने पर वन अमला बस्तीराम के घर पहुंचा, बस्तीराम उसके घर में चूल्हे के पास बैठा गंजी में मांस पका रहा था और कुछ पका हुआ मांस स्टील की थाली में रखा हुआ था, मौके पर गंजी व स्टील की थाली में रखे मांस को थाली सहित जप्त कर जप्तीनामा बनाया गया, मौके की कार्यवाही का पंचनामा बनाया गया। इसके बाद वन अमला बिसौरी के घर पहुंचा, बिसौरी के घर में थाली में पका हुआ मांस पाया गया था, जिसे जप्त कर जप्तीनामा और मौका पंचनामा बनाया गया। आरोपीगण की निषादेही पर वन्य प्राणी सांभर के षिकार किये गये स्थान चौकीनदी आमनाला जाकर घटना स्थल की तस्दीक की गयी।
घटना स्थल पर खून लगा पत्थर, अंतड़ी एवं वन्य प्राणी सांभर के बाल पाये गये, जिन्हें जप्ती कर जप्तीनामा बनाया गया। घटना स्थल का तस्दीक पंचनामा बनाया गया। जप्तषुदा मांस को परीक्षण हेतु फॉरेंसिक लैब जबलपुर भेजा गया था, मांस परीक्षण रिपोर्ट में जप्तषुदा मांस वन्य जीव सांभर का होना पाया गया। आवष्यक अनुसंधान उपरांत परिवाद विचारण हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। विचारण के दौरान अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध पाकर दंडित किया गया।
नोटः- प्रकरण में आरोपी लच्छु के विरूद्ध निर्णय दिनांक 30-11-2023 को निर्णय पारित कर दोषसिद्ध किया जा चुका है। प्रकरण में आरोपी बिसौरी वर्तमान में फरार होने से उसके विरूद्ध निर्णय पारित नहीं किया गया है।







