समय सीमा में नहीं, तुरंत करें कार्रवाई कलेक्टर श्री सूर्यवंशी

राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए मुहिम चलाकर कार्रवाई की गई थी।इसके बावजूद भी अधिकतर शिकायतें राजस्व से संबंधित ही आती है।

राजस्व अधिकारियों द्वारा समय सीमा पार कर चुके लंबित प्रकरणों को चिन्हित कर न्यायालय में नियमित सुनवाई आयोजित कर नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती के प्रकरणों का निराकरण किया जाए।

31 अक्टूबर तक राजस्व वसूली के लक्ष्य को करें पूरा: कलेक्टर
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कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने राजस्व सहायकों से कहा कि किसी भी बड़े वृक्ष का ट्रीटमेंट करना है तो सबसे पहले उसकी जड़ों का ट्रीटमेंट करना चाहिए और इसलिए मैं राजस्व प्रकरणों पर आपसे चर्चा कर रहा हूं। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को आयोजित जिले के राजस्व सहायक एवं रीडर्स से राजस्व प्रकरणों के संधारण, प्रस्तुतीकरण एवं निराकरण की प्रक्रिया पर कलेक्टर बिन्दूवार चर्चा कर रहे थे। उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए एक-एक व्यक्ति से एक-एक स्टेप की जानकारी प्राप्त की। वे लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र

निराकरण पर कर्मचारियों के साथ रूबरू चर्चा कर रहे थे। समय सीमा में नहीं, तुरंत करें कार्रवाई कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने कहा कि आप लोग प्रकरणों को समय सीमा में निपटाने का इंतजार न करें बल्कि आवेदन प्राप्त होते ही उस पर तत्काल कार्रवाई प्रारंभ करें। जनसुनवाई में एवं सीधे आने वाले अधिकतर आवेदन राजस्व संबंधी शिकायतों के होने से राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए मुहिम चलाकर कार्रवाई की गई थी।

इसके बावजूद भी अधिकतर शिकायतें राजस्व से संबंधित ही आती है। जिसमें नक्शे, भूमि नामांकन, सीमांकन आदि संबंधित शिकायतें है। उन्होंने कहा कि प्रकरणों का संधारण हैड के अनुसार करें, न कि तिथिवार। इससे प्रकरणों के संधारण में सहूलियत होगी। आरसीएमएस पर प्रकरण दर्ज करें श्री सूर्यवंशी ने राजस्व आरसीएमएस में दर्ज प्रकरणों पर चर्चा करते हुए कहा कि नागरिकों की सुविधा के लिए लोक सेवा केंद्र के अलावा अब एमपी ऑनलाईन और सीएससी के कियोस्क के माध्यम से भी आरसीएमएस पर प्रकरण दर्ज कराए जा रहे है।

राजस्व अधिकारियों द्वारा समय सीमा पार कर चुके लंबित प्रकरणों को चिन्हित कर न्यायालय में नियमित सुनवाई आयोजित कर नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती के प्रकरणों का निराकरण किया जाए। पुराने प्रकरणों के निराकरण में प्राथमिकता दे। नोटिस तामिल कराना अति महत्वपूर्ण कलेक्टर ने कहा कि नोटिस का तामिल कराना प्रकरण का सबसे महत्वपूर्ण भाग है। नोटिस तामिल कराने के लिए जमादार पर ही निर्भर न रहे। उसकी अपनी सीमाएं है। पटवारी के माध्यम से नोटिस तामिल कराएं।