यूनाइटेड फोरम का कार्य बहिष्कार आंदोलन

 सारनी— यूनाइटेड फोरम उत्पादन क्षेत्र सारनी के प्रचार सचिव अंबादास सूने ने बताया कि मध्यप्रदेश विद्युत मंडल के सभी पेशनर्स एवं कार्यरत अधिकारी कर्मचारी समय समय पर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी उचित मांगों के समाधान के लिए धरना-प्रदर्शन करने के बाद भी मध्यप्रदेश सरकार एवं कंपनी प्रबंधन पेंशनर्स और कार्यरत कर्मचारीयों की भी उपेक्षा कर रही है।मध्यप्रदेश के बिजली विभाग में सरकार के विरोध में असंतोष व्याप्त है। जिसका नुकसान शासन को चुनाव में उठाना पड़ सकता है। सरकार का यह व्यवहार समझ से परे हैं। एक तरफ सरकार सभी वर्ग के समुदाय को रेवडी बांटने में लगी है,दूसरी ओर मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल के अधिकारियों/

कर्मचारियों की उचित मांगों पर चर्चा करने का समय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास नही है।पेंशनर्स को पेंशन का भुगतान उत्तर प्रदेश सरकार की तरह ट्रेजरी से किया जाये, फोरम की मांग है। सरकार ने पेंशन फंड में पर्याप्त फंड जमा नहीं किया है।मध्यप्रदेश शासन में लागू चतुर्थ वेतनमान के आदेश को यथाआवश्यक परिवर्तन कर विद्युत कंपनियों द्वारा तुरंत लागू किया जाये।मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल के पेंशनर्स के

4 प्रतिशत मंहगाई राहत के आदेश शीघ्र जारी किए जाये। सरकार यूनाइटेड फोरम को आंदोलन करने के लिए विवश कर रही है।दिनांक 27.09.2023 को म.प्र. के सभी विद्युत कंपनियों में कार्यरत विद्युत मण्डल के अधिकारी/ कर्मचारी का एक दिवसीय कार्य बहिष्कार को सफल बनाया और सभी ने अपने मोबाईल बन्द रखे। आज के आंदोलन के बाद भी सरकार और प्रशासन ने समस्याओ का समाधान नहीं किया तो कार्यरत विद्युत कर्मी, 24 घण्टें के नोटिस पर 02.10.2023 को महात्मा गांधी की जयंती पर उपवास करेगें और

3.10.2023 से संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड सारनी के प्रचार सचिव अंबादास सूने ने बताया कि इस के पूर्व में भी सतपुडा ताप विद्युत गृह में आंदोलन कर एक दिन के मोबाइल बंद में सरकार को झुकाते हुए डी ए के आदेश जारी करवाए हैं। इस अवसर पर यूनाइटेड फोरम के घटक संगठन म प्र विद्युत मंडल संघ (फेडरेशन) के ज्ञानेश्वर पाटील, बिजली कर्मचारी कांग्रेस के सोमलाल पाल, म प्र विद्युत मंडल मजदूर कांग्रेस

(कन्फेडरेशन) के डी डी देशमुख, एमके तिवारी, विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन के क्षेत्रीय महामंत्री अंबादास सूने सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।

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