17 वर्षीया अवयस्क बालिका का अपहरण कर उसके साथ बार-बार बलात्कार करने वाले आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास

 

माननीय विषेष न्यायाधीष, अनन्य विषेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.), ने 17 वर्ष 04 माह 05 दिन की अवयस्क बालिका का अपहरण कर उसके साथ बार-बार बलात्कार करने वाले आरोपी सुमित पिता चंदू धुर्वे, उम्र 20 वर्ष, निवासी-थाना रानीपुर, जिला-बैतूल (म.प्र.) को धारा 363,366,376(2)(जे) एवं 376(2)(एन) तथा धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट के तहत दण्डनीय अपराधों के लिए दोषसिद्ध पाते हुए, धारा 363 भादवि में 04 वर्ष कठोर कारावास एवं 1,000रू. जुर्माना, धारा 366 भादवि में 05 वर्ष कठोर कारावास एवं 1,000रू. जुर्माना, धारा 376(2)(जे)

भादवि में 10 वर्ष कठोर कारावास एवं 2,000रू. जुर्माना तथा धारा 5(एल)/6 पाक्सो एक्ट में 20 वर्ष कठोर कारावास एवं 2,000रू. के जुर्माने से दंडित किया गया। प्रकरण में म.प्र. षासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी/विषेष लोक अभियोजक श्री एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विषेष लोक अभियोजक श्री ओमप्रकाष सूर्यवंषी द्वारा पैरवी कार्य किया गया। जिला अभियोजन कार्यालय बैतूल में पदस्थ श्रीमती कविता शेषकर सहायक ग्रेड-3 ने पैरवी से संबंधित कार्यालयीन कार्यो में सहयोग प्रदान किया।

घटना विवरण इस प्रकार है कि पीडिता की मां फरियादी ने दिनांक 30.12.2019 को पुलिस थाना कोतवाली में इस आषय की रिपोर्ट दर्ज करायी कि दिनांक 29.12.2019 को शाम के 08ः00 बजे वह उसके पति व सभी बच्चे खाना खाकर सो गये। रात करीब 11ः30 बजे वह उठी तो उसने देखा की उसकी बेटी पीडिता उसके बिस्तर में नहीं दिखी, उसने आसपास देखा तो उसे उसकी पुत्री नहीं दिखी, तब उसने चिल्लाकर सबको जगाया। सभी लोगों ने पीडिता की तलाष आसपास के गांव तथा सभी रिष्तेदारी में की, उसके बाद भी पीडिता का कुछ

पता नहीं चला। फरियादी ने रिपोर्ट में शक जाहिर किया कि उसकी नाबालिक बेटी को रानीपुर का सुमित धुर्वे बहला-फुसलाकर अपने साथ भगाकर ले गया है। फरियादी की उक्त षिकायत पर पुलिस थाना कोतवाली में अपराध दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने पीड़िता को दस्तयाब किया। पीडिता द्वारा उसके धारा 161 एवं 164 द.प्र.सं. के कथन में आरोपी द्वारा बहला-फुसलाकर भगाकर पहले बैतूल उसके बाद इन्दौर व अहमदाबाद ले जाने और उसके साथ वहां पर बार-बार बलात्संग करने का कथन दिया था। विवेचना के दौरान पीडिता का मेडिकल परीक्षण

कराया गया था, अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। पुलिस थाना कोतवाली द्वारा आवष्यक अनुसंधान पूर्ण कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय अनन्य विषेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। विचारण मे अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया जिसके आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दंडित किया गया।

 

 

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