कोयला श्रमिक सभा ने सौंपा ज्ञापन आधी मजदूरी खा रहे दलाल

क्षेत्र की तवा -2 खान में अरविन्दो कम्पनी तथा छतरपुर -1 मे जॉय कम्पनी के सन्दर्भ में । आपसे सविनय आग्रह है कि डब्ल्यू सी.एल. एरिया , पाथाखेड़ा में तवा -2 में कन्टीन्युस माइनिंग का काम हैदराबाद की अरविन्दों कंपनी पिछले 01 साल से कर रही है और उक्त कार्य में मेनपावर सप्लाई का कार्य छत्तीसगढ़ की डी.डी. कंपनी कर रही है जिसमें लगभग 57 स्थानीय युवा कार्य कर रहे है जिनके एटीएम , पासबुक उक्त कंपनी ने एक्सिस बैंक की स्थानीय शाखा के अधिकारियों के साथ मिलकर मेनपावर सप्लाई का कार्य करने वाली डी.डी. कंपनी के एच.आर. और साइड इंचार्ज ने हासिल कर लिये है और लगभग पिछले एक साल से उक्त कंपनी द्वारा स्थानीय श्रमिकों को 1184 रू . के बदले 472 / – प्रतिदिन की दर से वेतनमान डी.डी. कंपनी के एच . आर . व साइड इंचार्ज द्वारा एटीएम से निकालकर श्रमिकों को नगद भुगतान किया जा रहा है और जबकि वे.को.लि. द्वारा अरविन्दों कंपनी को 1184 / – प्रतिदिन की दर से उक्त कार्य में कार्यरत श्रमिकों का वेतनमान प्रदान किया जा रहा है । और जब स्थानीय श्रमिकों ने इस विषय पर आंदोलन किया तो उक्त कंपनी द्वारा उन्हें कार्य से निकालने की धमकी देकर डराकर 500 / – प्रतिमाह जनवरी 2023 से भुगतान दिया जाएगा इस बात पर जबरन सहमति बनाकर अपने लेवर हटमेंट में बुलाकर उन्हें उनके एटीएम और पासबुक दिये जा रहे है । उक्त कृत्य आपराधिक दृष्टि से भी बेहद गंभीर है इस पुरे घटना क्रम की 03 दिनों में उचित जॉच कराकर 57 श्रमिकों को पिछले 01 साल का डिफरेंस पेमेंट अतिशीघ्र प्रदान करें तथा जनवरी 2023 माह से सभी श्रमिकों का वेतनमान 1184 / – प्रतिदिन की दर से पूरे माह का भुगतान पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाना सुनिश्चित करने का कष्ट करें । ठीक इसी तरह छतरपुर 01 में कन्टीन्युस माइनिंग का कार्य जॉय कंपनी कर रही है और स्थानीय श्रमिकों के साथ शोषण का यह खेल जॉय कंपनी में भी खेला जा रहा है । प्राप्त जानकारी के अनुसार जॉय कंपनी में पाथाखेड़ा क्षेत्र के स्थानीय युवा श्रमिकों को 1184 / – के बदले 550 / – प्रतिदिन की दर से वेतनमान दिया जा रहा है । इस तरह पाथाखेड़ा डब्ल्यू सी . एल . एरिया में स्थानीय युवा श्रमिकों और स्थानीय आदिवासी श्रमिकों के साथ शोषण की पराकाष्टा हो रही है । उक्त विषय को लेकर कंपनी के श्रमिकों द्वारा 28 दिसम्बर को पाथाखेड़ा मुख्यालय पर एवं 30 दिसम्बर को सारनी थाने में प्रदर्शन किया जा चुका है , परन्तु निराकरण नहीं हुआ । अतः एच.एम.एस. संगठन स्थानीय श्रमिकों के साथ हो रहे शोषण की घोर निन्दा करता है और उक्त ज्वलंत मुद्दों का 7 दिन में निराकरण नही किये जाने तया सम्बधित श्रामिको मे बढ़ते रोब के मद्देनजर उत्पन्न औद्योगिक अशान्ति की पूर्ण जवाबदारी वेकोलि प्रबंधन तथा उक्त कम्पनीस अरविन्दो तथा जॉय की होगी ।
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