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धर्म -कर्म

Pitra paksh पित्रों का उद्धार करता है श्रीमद भागवत

श्रीमद्भागवत एक ज्ञान यज्ञ है। यह मानवीय जीवन को रसमय बना देता है। भगवन् कष्ष्ण की अद्भूत लीलाओं का वर्णन इसमें समाहित है। भव-सागर से पार पाने के लिये श्रीमद्भागवत कथा एक सुन्दर सेतु है।श्रीमद्भागवत कथा सुनने से जीवन धन्य-धन्य हो…
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Pitr paksh अपने पूर्वजों के प्रति स्नेह, विनम्रता, आदर व श्रद्धा भाव से किया जाने वाला कर्म ही…

भाद्रपद पूर्णिमा से अमावस्या तक श्राद्ध कर्म होगे। 16 दिनों के लिए पितृ घर में विराजमान होते है जो कि हमारे वंश का कल्याण करते है। सर्वपितृ अमावस्या के साथ समाप्त होगे। पंचांग के अनुसार भाद्रपद पूर्णिमा से अमावस्या तक की विशेष अवधि में…
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Tarpan जाने क्या है तर्पण, और उसका महत्व

पितरों के लिए श्रद्धा से किए गए मुक्ति कर्म को श्राद्ध कहते हैं तथा तृप्त करने की क्रिया और देवताओं, ऋषियों या पितरों को तंडुल या तिल मिश्रित जल अर्पित करने की क्रिया को तर्पण कहते हैं।श्राद्ध पक्ष का माहात्म्य उत्तर व उत्तर-पूर्व भारत…
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Garun puran गरूड़ पुराण से क्या श्राद खाने आते है पित्र

भगवान श्रीकृष्ण से पक्षीराज गरुड़ ने पूछा - हे प्रभु! पृथ्वी पर लोग अपने मृत पितरों का श्राद्ध करते हैं। उनकी रुचि का भोजन ब्राह्मणों आदि को कराते हैं पर क्या पितृलोक से पृथ्वी पर आकर श्राद्ध में भोजन करते पितरों को किसी ने देखा भी है!भगवान…
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Petr paksh पितृ सदा रहते हैं आपके आस-पास

क्या करें मृत आत्मा की शांति के लिए-- पितृ सदा रहते हैं आपके आस-पास। मृत्यु के पश्चात हमारा और मृत आत्मा का संबंध-विच्छेद केवल दैहिक स्तर पर होता है, आत्मिक स्तर पर नहीं। जिनकी अकाल मृत्यु होती है उनकी आत्मा अपनी निर्धारित आयु तक भटकती रहती…
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Pitr paksh इस तरह से देते है पितर संकेत की वे आप पर प्रसन्न है या नाराज

हिन्दू धर्म में पितृ अर्थात मृत पूर्वजों का तर्पण करवाना बहुत प्राचीन प्रथा है। जिसके लिए हमारे पंचांग में श्राद्ध पक्ष के सोलह दिन निर्धारित किए गए हैं जिसमे व्यक्ति अपने पूर्वजों को याद करते है और उनका तर्पण करवा कर उन्हे शांति और तृप्ति…
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Dol Gyaras today डोल ग्यारस आज,4 बजे होगा जलवा पूजन,भगवान कृष्ण का डोला जाएगा नदी

डोल ग्यारस का पर्व नगर में अत्यंत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। परंपरा अनुसार दुर्गा चौक के सत्यनारायण मंदिर से डोल निकाला जाएगा। पंडित मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि आज 4 बजे से ढोल बाजे की गूंज पर भगवान कृष्ण की झांकी सॉलिढाना नदी पर ले…
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Ganesh ji : मान्यता है कि यहाँ गणेश जी साक्षात प्रगट हुए थे

जंहा कठोर उपासना के फल स्वरूप भगवान गणेशजी का साक्षात्कार हुवा हो और सिद्ध उपासको द्वारा भगवान का मंदिर बनाया हो ऐसे दिव्य स्थान है ।इस पृथ्वीलोक के प्रधान देवता श्री गणपतिजी नवखंड धरती के हरेक स्थल पर पूर्ण जागृत देव है । हरेक प्रकार की…
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आज ऋषि पंचमी : पुरुषों की तरह- ‘ऋषि पंचमी व्रत’ स्त्रियों को भी करना चाहिए

*💥ऋषि पञ्चमी 1 सितम्बर 2022 विशेष💥*"भाद्रपद शुक्ल ऋषि पंचमी अनुष्ठान"(पुरुषों की तरह- 'ऋषि पंचमी व्रत' स्त्रियों को भी करना चाहिए)"ऋषि पञ्चमी" व्रत भाद्रपद शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है।"ऋषि पंचमी"…
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