*बरगी हादसे के दिवंगतों को घोड़ाडोंगरी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि:*

 

घोड़ाडोंगरी | बरगी जलाशय में हुए हृदयविदारक क्रूज हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। इस भीषण दुर्घटना में असमय काल का ग्रास बनी दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए आज घोड़ाडोंगरी नगर में शोक सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा नगर शोक में डूबा नजर आया और बड़ी संख्या में स्थानीय जनमानस ने उपस्थित होकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

*दो मिनट का मौन*
नगर के मुख्य हॉस्पिटल चौक पर आयोजित इस शोक सभा में समाज के हर वर्ग के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में दिवंगतों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। इसके पश्चात उपस्थित भारी जनसमूह ने दो मिनट का सामूहिक मौन धारण कर ईश्वर से प्रार्थना की कि वे बिछड़ी हुई आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को यह असहनीय दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

*उमड़ा जनसैलाब*
हादसे के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए घोड़ाडोंगरी के नागरिकों ने मिसाल पेश की। शोक सभा में केवल स्थानीय निवासी ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग पहुंचे।
*एकजुटता*: शोक के स्वरूप नगर के अधिकांश व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
जनभागीदारी: युवा संगठनों, वरिष्ठ नागरिको ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी एकजुटता दिखाई।
*”यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है*
। बरगी जलाशय में जो हुआ उसने हम सभी के दिल को झकझोर दिया है। आज हम सब यहाँ केवल शोक व्यक्त करने नहीं, बल्कि उन परिवारों के साथ खड़े होने आए हैं जिन्होंने अपनों को खोया है।

*सुरक्षा मानकों पर उठी आवाज*
शोक सभा के अंत में पंडित प्रतिवर्धन चतुर्वेदी ने प्रशासन और पर्यटन विभाग से मांग की कि भविष्य में ऐसे जल क्रीड़ा केंद्रों और जलाशयों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी और परिवार का चिराग इस तरह न बुझे।

शोकसभा के अंत में नगर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनोज पाटनकर ने बाबा भोलेनाथ के महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण करा श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस गरिमामयी और भावुक सभा का समापन नम आंखों के साथ हुआ। उपस्थित जनमानस ने प्रशासन के माध्यम से पीड़ित परिवारों तक अपनी गहरी संवेदनाएं पहुँचाने का संकल्प लिया।

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