जिला बैतूल। मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-46 (NH-46) के इटारसी-बैतूल सेक्शन के 22 किलोमीटर लंबे टाइगर कॉरिडोर को फोरलेन बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 758 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति दे दी है। यह हिस्सा सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बफर जोन से होकर गुजरता है, जिसके चलते अब तक टू-लेन ही था।
यह क्षेत्र कृषि का बड़ा केंद्र होने के साथ-साथ कोयला, तांबा, ग्रेफाइट और सीसा-जस्ता जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। फोरलेन होने से माल ढुलाई का समय घटेगा, सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी।
*वन्यजीव सुरक्षा पर विशेष ध्यान:*
परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें जानवरों के सुरक्षित आवागमन के लिए *11 विशेष अंडरपास और ओवरपास* बनाए जाएंगे। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और टाइगर, तेंदुआ, भालू जैसे वन्यजीवों की मौत के मामले रुकेंगे। ये स्ट्रक्चर आसपास के वन क्षेत्रों को जोड़े रखेंगे।
*पूरा कॉरिडोर होगा फोरलेन:*
इस 22 किमी हिस्से के अपग्रेड होने के साथ ही पूरा ग्वालियर-बैतूल कॉरिडोर फोरलेन हाईवे बन जाएगा। इससे यात्रा समय में काफी कमी आएगी और पहाड़ी इलाकों में ड्राइविंग ज्यादा सुरक्षित होगी। साथ ही माधव नेशनल पार्क (शिवपुरी), रातापानी टाइगर रिजर्व (रायसेन) और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (नर्मदापुरम) में इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार भी बढ़ेंगे।
अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण कार्य में पर्यावरणीय मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और काम जल्द शुरू होने की संभावना है।







