सारनी में स्थानीय रोजगार को लेकर गरमाया मुद्दा, नागेन्द्र निगम ने उठाई 70% आरक्षण की मांग
पावर हाउस में बाहरी श्रमिकों की एंट्री पर सवाल, बिना वेरिफिकेशन काम कराने के आरोप
स्थानीय युवाओं के हक की लड़ाई: नागेन्द्र निगम ने मुख्य अभियंता को सौंपा आवेदन
सारनी। औद्योगिक नगरी सारनी में स्थानीय रोजगार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद हुई है। इस बार यह मुद्दा प्रमुख रूप से सतपुड़ा ठेकेदार एसोसिएशन के अध्यक्ष नागेन्द्र निगम द्वारा उठाया गया है, जिन्होंने मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के मुख्य अभियंता को आवेदन सौंपकर स्थानीय लोगों के हक और सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नागेन्द्र निगम ने अपने आवेदन में स्पष्ट रूप से मांग की है कि सारनी पावर हाउस में कम से कम 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय ठेकेदारों और श्रमिकों को दिया जाए। उनका कहना है कि वर्तमान समय में क्षेत्र में बेरोजगारी चरम पर है, ऐसे में बाहरी लोगों को प्राथमिकता देना स्थानीय युवाओं के साथ अन्याय है।
बाहरी श्रमिकों पर उठे गंभीर सवाल
श्री निगम ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि पावर हाउस में बड़ी संख्या में बाहरी श्रमिक कार्यरत हैं, जिनके पुलिस वेरिफिकेशन और मेडिकल फिटनेस की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। इसके बावजूद उन्हें गेट पास जारी कर अंदर काम करने की अनुमति दी जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि बिना सत्यापन के बाहरी व्यक्तियों की एंट्री से भविष्य में सुरक्षा संबंधी खतरे उत्पन्न हो सकते हैं। इसलिए उन्होंने मांग की है कि जो भी बाहरी व्यक्ति काम करने आता है, उसका पहले मूल स्थान पर और फिर सारनी में दोहरी पुलिस जांच कराई जाए।
स्थानीयों को प्राथमिकता देने पर जोर
सतपुड़ा ठेकेदार एसोसिएशन के अध्यक्ष नागेन्द्र निगम ने यह भी कहा कि वर्क ऑर्डर जारी करते समय स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही, सभी श्रमिकों—चाहे वे स्थानीय हों या बाहरी—का पुलिस वेरिफिकेशन और मेडिकल परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए। आवेदन के माध्यम से निगम ने मुख्य अभियंता से अनुरोध किया है कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उचित कार्रवाई की जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके और पावर हाउस की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके।







