बालिका को बहला-फुसलाकर भगाकर बलात्संग करने वाले आरोपी को 10 वर्ष एवं बालिका को भगाने में सहयोग करने वाली आरोपिया को 05 वर्ष सश्रम कारावास

 

*अवयस्क बालिका को बहला-फुसलाकर भगाकर बलात्संग करने वाले आरोपी को 10 वर्ष एवं बालिका को भगाने में सहयोग करने वाली आरोपिया को 05 वर्ष सश्रम कारावास एवं कुल 10,500 रू. के जुर्माने से दंडित किया गया*

माननीय अनन्य विशेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.) द्वारा अवयस्क बालिका को बहला-फुसलाकर भगाकर बलात्संग करने वाले आरोपी अलकेश उर्फ मोदी पिता इमरत उइके, उम्र-21 वर्ष, थाना चिचोली को दोषी पाते हुए धारा 376 भादवि समाविष्ट धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट में 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 4,000रू. जुर्माना, धारा 363 भादवि में 03 वर्ष एवं 1,000रू जुर्माना, धारा 366 भादवि में 05 वर्ष एवं 2,000रू. व धारा 506

भादवि में 02 वर्ष एवं 5,00रू. का जुर्माना तथा एवं आरोपिया सलोनी पिता कलीराम उइके, उम्र-20 वर्ष, थाना चिचोली को दोषी पाते हुए धारा 366 भादवि समाविष्ट धारा 16/17 पॉक्सो में 05 वर्ष सश्रम कारावास एवं 2,000रू. जुर्माना, धारा 363 भादवि में 03 वर्ष व 1,000रू. जुर्माने से दण्डित किया गया।

प्रकरण में म.प्र. शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक *श्रीमती वंदना शिवहरे* द्वारा पैरवी की गई।

*घटना का संक्षिप्त विवरण:-* दिनांक 22-01-2024 को पीड़िता के पिता ने थाना शाहपुर में रिपोर्ट लेख करायी कि उसकी अवयस्क पुत्री पीड़िता एवं उसका पुत्र शाहपुर के होस्टल में रहकर पढ़ाई करते थे। घटना दिनांक 21-01-2024 को उसकी पुत्री एवं पुत्र घर से सुबह 10ः00 बजे होस्टल जाने के लिए निकले थे, किंतु पीड़िता होस्टल नहीं पहुंची, केवल उसका पुत्र होस्टल पहुंचा था, जिसे आरोपी अलकेश ने मोटरसायकल से होस्टल पहुचाया था, बाद में पता चला की पीड़िता को आरोपीगण अलकेश एवं सलोनी अपने साथ ले गये। पीड़िता के मिलने के उपरांत

पीड़िता द्वारा बताया गया कि आरोपी अलकेश एवं सलोनी के द्वारा उसे बहला-फुसलाकर उसे एक बर्थडे पार्टी में जाने का बोलकर शाहपुर से बैतूल ले आये थे। बैतूल में आरोपी अलकेश ने उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया, आरोपिया सलोनी ने पीड़िता से उसकी मर्जी से चले जाने संबंधी लेटर पीड़िता पिता को लिखवाया उसके बाद दिनांक 21-01-2024 की रात्रि में आरोपीगण अलकेश व सलोनी, सलोनी के रूम से पीड़िता को रेल्वे स्टेशन बैतूल ले गये, जहां से अलकेश ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर सिंकदराबाद ले गया, जहां से पुलिस आरोपी अलकेश एवं पीड़िता को लेकर बैतूल आयी थी। प्रकरण में अन्य आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के समक्ष विचारण के दौरान अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिसके आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण को दोषसिद्ध पाकर उपरोक्त दण्ड से दंडित किया गया।

*दिनांक 25/03/2026* ए.डी.पी.ओ., बैतूल