देश के सर्वांगीण क्षेत्र में बंग्लाभाषी हिन्दू समाज का रहा है विशेष योगदान -मोहन नगर

24 जनवरी 2026 को चोपना

 

बैतूल – बंगाली हिंदू गौरव एवं राष्ट्रीय पराक्रम उत्सव का भव्य और सफल आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों का बंगाली परम्परा से ढोल डंका बजाकर,शंख ध्वनि,उलू ध्वनि एवं पारम्परिक वेश भूषा में महिलाओं ने आरती करते हुए मनोरम दृश्य के साथ स्वागत करते हुए हरि-गुरुचांद मंदिर तक गए। उसके पश्चात बंगाली महापुरुषो एवं भारत माता के छाया चित्र सामने दीप प्रजलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। ततपश्चात सभी ने सामूहिक बन्दे मातरम गीत का गायन किया,आजाद हिंद फौज के सिपाही नेताजी शुभाष बोस के साथ देश की आजादी के लड़ाई में भाग लेने वाले राधाकृष्ण शास्त्री जी,नरनारायण सेवाश्रम संघ के मुख्य महंत स्वामी सुखानन्द ब्रह्मचारी(बाबुल गोस्वामी),बैतूल जिले के पूर्व कलेक्टर एवं लोक भारती कार्यकर्ता राजेश मिश्रा एवं डॉ वाला जी को दो मिनिट का मौन रख कर

श्रद्धांजलि प्रदान किया। स्वागत भाषण के रूप में बंगो लोक भारती के राष्ट्रीय संयोजक डॉ देव ज्योति गाईन ने अपने उद्वोधन में बंगो लोक भारती की की स्थापना के उद्देश्य के बारे में बताया कि बंग्लाभाषी हिन्दू समाज के भाषा,संस्कार संस्कृति,रीति रिवाज,खान पान, रहन सहन,लोक कला,संगीत और विलुप्त होते विभिन्य पहलुयों को पुनर्जागरण एवं संरक्षण हेतु कार्य लरने की योजना है। आदर्श समाज निर्माण हेतु सभी गतिविधियां संचालित करने की योजना है। बंग्लाभाषी हिन्दू समाज के समस्याओं को प्रस्ताव के माध्यम से शासन प्रशासन तक पहुचाने हेतु भी कार्य करेगा और समाधान की कोशिश भी करेगा। बंगो लोक भारती मध्य प्रदेश के संयोजक संजीव रॉय ने अपने ओजोस्वि उद्वोधन में कहा कि बंग और बंगाली शब्द जाति सूचक नही , यह राष्ट्र सूचक शब्द है। राष्ट्रीय गान जन गण मन मे एक लाइन आता है

पंजाब,सिंध,गुजरात,मराठा, द्रविड़, उत्कल,बंग। अंतिम जो बंग शब्द है इसी से बंग शब्द उद्गृत किया गया है अर्थात जो बंगो संस्कृति के राष्ट्र भक्ति,देश प्रेम से ओत प्रोत भारत माता के उपासक लोगो को संगठित करने हेतु बंगो लोक भारती संगठन का उद्भव हुया है। बंगाली समाज के लिए किए जाने वाले प्रमुख कार्य का संगठन ने प्रस्ताव पारित किया है जिसका सभी ने हाथ उठाकर समर्थन प्रस्ताव पारित किया है जिसका वाचन करते हुए बताया जो इस प्रकार है-
प्रस्ताव क्र 1-म.प्र. के 46 बंगलाभाषि ग्रामों (जिला बैतूल-32, सतना-7, पन्ना-11, नीमच-6) में शा.प्रा. शाला में एक विषय बंगला भाषा में शिक्षा प्रदान किया जाय एवं कक्षा 6 वी से 12 वी तक एक विषय बंगला भाषा में पत्राचार माध्यम से शिक्षण व्यवस्था शुरू की जाय ।

2. बैतूल, सतना, पन्ना, नीमच जिले के विस्थापित (बंगाली एवं बर्मिस) परिवारों को केन्द्र सरकार ने पांच एकड कृषि भूमि एवं आवासिय भूमि आवंटित किया गया था,शहरी क्षेत्र में व्यवसाय एवं आवासीय भूमि दिया गया था जिसका भू-सर्वेक्षण (बंदोबस्त) करा कर मालिकाना हक, पट्टा प्रदान किया जाय ।

3. बंगलाभाषि हिन्दु समाज की संस्कृति, संस्कार, रितीरिवाज, खानपान, रहन-सहन, लोक कला, संगीत आदि के संरक्षण एवं प्रबंधन हेतु गतिविधि संचालन के लिए भूमि आवंटित कर बंगो संस्कृति भवन जिसमें 500 से 1000 लोगों की बैठक व्यवस्था एवं दो से तीन कमरे का भवन निर्माण किया जाय ।

4. बंगो समाज कल्याण बोर्ड या बंगो समाज कल्याण मंत्रणा परिषद / निगम का गठन किया जाय।
ध्यान आकषर्ण प्रस्ताव में शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए प्रस्ताव पारित किया जो इस प्रकार है-
1. SIR, CA, NRC के संबंध में जो भी बंगलाभाषि हिन्दु समाज के लोग मध्य प्रदेश एवं भारत में निवासरत है उनको किसी प्रकार का प्रताडना का शिकार न होना पडे एवं केवल हिन्दु प्रमाण पत्र के आधार पर भारत की नागरिकता प्रदान की जाय ।
2. बंगलाभाषि हिन्दु समाज के अनेको लोग स्वास्थ्य सेवा में सेवा प्रदान करते है उन्हें बंगाली झोलाछाप के नाम से संबोधित किए जाने के इस कृत्य को आपत्ति दर्ज करते है एवं सभी स्वास्थ्य सेवकों को स्वास्थ्य सेवक के नाम से पंजीयन कर शासन प्रशिक्षण प्रदान करें तथा इन्हें सहयोगात्क वातावरण प्रदान किया जाय ।

3. वर्ष 2026-27 में जनगणना एवं जाति गणना में बंगलाभाषि हिन्दु समाज को उनके जाति के आधार पर गणना की जाय एवं जो जिस जाति वर्ग में आते हैं उस जाति का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाय तथा शासन और प्रशासन से मिलने वाले लाभ प्रदान किया जाय ।
प्रस्ताव को लोक भारती एवं बंगो लोक भारती के पदाधिकारियों ने प्रमुख अतिथि राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त म.प्र. जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर जी को सोपा और आग्रह किया कि मुख्यमंत्री से उक्त कार्यो को प्राथमिकता से चर्चा करके समाधान हेतु प्रयास करें।

मोहन नागर ने अपने उद्वोधन में कहा कि बंग्लाभाषी हिन्दू समाज का ऐसा सम्मेलन समाज के लिए और देश के लिए बहुत आवश्यक कदम है। समाज जागरण की और ऐसे कार्यक्रम का आयोजन समाज को दिशा अवश्य प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि बंग्लाभाषी हिन्दू समाज का इस देश की सभी क्षेत्र जैसे कला,संगीत,राजनीति,विज्ञान,साहित्य सहित सभी क्षेत्र में विशिष्ठ योगदान रहा है। बंग प्रदेश भारत का पावर हाउस है जंहा से देश को कनेको महापुरुषो ने दिशा प्रदान किया है। भारत की राष्ट्र गान और गीत दोनों ही बंग्लाभाषी कवि बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय एवं रवींद्रनाथ ठाकुर ने दिया है जो कि देश के लिए गौरव का विषय है। विश्व पटल पर सनातन हिन्दू धर्म को पुनर्स्थापित करने वाले भारत का मान बढ़ाने वाले स्वामी विवेकानन्द और इस देश को आजाद करने में अंग्रेजों को मजबूर करने वाले भारत माता के सपूत नेताजी सुभाष बोस भी बंग्लाभाषी समाज से थे। उन्होंने प्रस्ताव के सम्बंध में मुख्यमंत्री से चर्चा कर समाधान के लिए प्रयास करने का अस्वासन भी दिया है।लोक भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में कहा कि बंग्लाभाषी हिन्दू समाज की जितनी तारीफ की जाय उतना कम है यह समाज हमेशा से देश की उन्नति में सहयोग करने वाला समाज है,अपनी विशिष्ठ परंपराओं से सभी के दिल मे राज करने वाला समाज है। लोक भारती के राष्ट्रीय सम्पर्क प्रमुख श्रीकृष्ण चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि लोक भारती और बंगो लोक भारती प्रकृति-संस्कृति

के हित में एवं विस् मुक्त फल सब्जी और किसानों को आत्म निर्भर बनाने के लिए प्राकृतिक परम्परागत कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य कर रहे है बहुत से लोग इन पध्दतियों को अपना कर लाभान्वित हो रहे है आगे और भी ऐसे प्रयास करते रहेगा। लोभ भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बहादुर सिंग ने अपने उद्बोधन में कहा कि बंगाली समाज मे मैंने देखा है कि लोक अपने से ही लोक भारती के प्रकृति पर्यावरण जल संरक्ष्ण और प्राकृतिक कृषि के क्षेत्र में कार्य करते है औऱ एक उत्कृष्ठ समाज का उदाहरण देश मे स्थापित किया है। कार्यक्रम का संचालन चंचल वैध ने किया तथा आभार प्रदेश संरक्षक संजीत सरकार ने किया।
प्रमुख अतिथि के रूप में श्री मोहन नागर जी (उपाध्यक्ष, जनअभियान परिषद मध्यप्रदेश – कैबिनेट मंत्री दर्जा), श्री विजय बहादुर सिंह जी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, बंगो लोक भारती), डॉ. देव ज्योति गाईंन जी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, बंगो लोक भारती), श्री कृष्ण चौधरी जी (राष्ट्रीय संपर्क प्रमुख, बंगो लोक भारती), श्री अशोक त्रिपाठी जी (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, बंगो लोक भारती), श्री संजीत सरकार जी (प्रदेश संरक्षक, बंगो लोक भारती), श्री अरुण कुलकर्णी जी (वरिष्ठ

प्रबंधक), श्री राम जी लाल उईके जी (पूर्व विधायक), श्री बृजमोहन मेश्राम जी (पूर्व मंडल अध्यक्ष भाजपा एवं वर्तमान पार्षद), डॉ. शैलेष मानकर जी (चुनावी प्रभारी, मध्यप्रदेश), श्री राजीव खंडेलवाल जी (आयकर सलाहकार), श्री संदीप जी (निदेशक, नोटिस जागरूकता) एवं श्री शिव किशोर पाल जी (पूर्व पार्षद, नगर पालिका जिला बैतूल) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस आयोजन में जिला बैतूल के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बंगाली समाज के प्रतिनिधियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उदय प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा समिति,सर्व भारतीय हिन्दू समाज संगठन,भारतीय बंगाली हिन्दू समाज सेवा संघ संस्था के कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।साथ ही प्रदेश स्तर, जिला स्तर एवं संकुल स्तर के पदाधिकारी, संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए

कार्यकर्ताओं की सक्रिय उपस्थिति रही। कुल मिलाकर लगभग 6000 से अधिक लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लेकर इसे ऐतिहासिक बनाया।
सभी अतिथियों ने अपने प्रेरक और मार्गदर्शक भाषणों के माध्यम से बंगाली समाज की एकता, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय पराक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन पर जिला संयोजक श्री मधु मंगल सरकार ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं सहभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया, वहीं प्रदेश संयोजक श्री संजीव राय ने प्रदेश, जिला एवं संकुल स्तर के समस्त पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रदेश के अन्य पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।