80 फीसदी दिव्यांग पैरा एथलीट ने लहरो पर लिखी सफलता की कहानी कैनोइंग खिलाड़ी पूजा ओझा को मणिकर्णिका सम्मान से नवाजेगा बैतूल

पानी से डरने वाली, पानी पर दिखाती है करतब

बैतूल/वह जब सिर्फ दस महीने की थी, तब पोलियो के कारण पैर खराब हो गए। वह 80 फीसदी दिव्यांग है, ठीक से जमीन पर चल भी नहीं पाती है, लेकिन बात जब वाटर स्पोर्ट्स की आती है तो दिग्गज भी दांतों तले उंगलियां दबा लेते है। बड़े भाई कबड्डी और क्रिकेट खेलने में माहिर थे, लेकिन कबड्डी स्पर्धा के दौरान भाई की मौत ने उसे झकझोर दिया। भाई का खेल के प्रति लगाव कहीं न कहीं उसे भी खेल से ही जोड़ गया और दिव्यांग होकर भी उसने वह कामयाबी हासिल की कि आज पूरा विश्व उसे चैम्पियन कहता है। हम बात कर रहे है भिंड की प्रसिद्ध दिव्यांग कैनोइंग खिलाड़ी पूजा ओझा की। पूजा जैसी साहसी एथलीट को बैतूल की धरा डाटर्स डे 28 सितंबर के अवसर पर मणिकर्णिका सम्मान से नवाजेगी। पूजा कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत को गौरवान्वित कर चुकी है। वह केनो स्प्रिंट की विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीतने वाली देश की पहली खिलाड़ी है। पूजा के मन में खिलाड़ी बनने का विचार तो था, लेकिन राह आसान नहीं थी। भिंड में गौरी तालाब में आयोजित ड्रेगन बोट स्पर्धा को देखकर उन्हों लगा कि वह भी नाव चला सकती है, इसमें पैरों की जरूरत नहीं होती। मगर मुश्किल यहां भी थी, पूजा को पानी से डर लगता था। खैर, हौसला मजबूत था तो उन्होंने तैराकी सीखी, फिर पानी पर शुरु हुआ पूजा का सफर कभी नहीं रुका। पूजा के साहस, दृढ़ता और आत्मविश्वास ने उन्हें बुलंदियों के आसमान पर पहुंचाया है।

अंतराष्ट्रीय पटल पर बार-बार बढ़ाया भारत का मान
एशियन चैम्पियनशिप 2025 थाईलैंड -स्वर्ण पदक, विश्व कप 2025 पौलेंड चौथा स्थान, एशियन चैम्पियनशिप 2024 जापान-2 स्वर्ण पदक, विश्व चैम्पियनशिप 2024 हंगरी- रजत पदक, पैरालंपिक गेम्स 2024 फ्रांस में भागीदारी, पैरा एशियन गेम्स 2023 चीन 2023- चौथा स्थान, वल्र्ड चैम्पियनशिप जर्मनी 2023-रजत पदक, एशियन चैम्पियनशिप उज्बेकिस्तान 2023- 2 स्वर्ण पदक, वल्र्ड चैम्पियनशिप कनाडा 2022-रजत पदक, एशियन चैम्पियनशिप थाईलैंड 2022-2 स्वर्ण पदक, वर्ल्ड चैम्पियनशिप हंगरी-2019 मे भागीदार रही एवं एशियन चैम्पियनशिप थाईलैंड 2017 में रजत पदक हासिल कर भारत का मान बढ़ाया।

राष्ट्रीय स्तर पर भी पाए कई मुकाम
पूजा ओझा ने भोपाल में आयोजित नेशनल चैम्पियनशिप प्रतियोगिता 2017, 2018 के अलावा, वर्ष 2021 से 2025 तक लगातार राष्ट्रीय पदक अपने नाम किया। नेशनल चैम्पियनशिप 2019 दिल्ली एवं 2020 में भिंड में स्वर्ण पदक हासिल करने वाली देश की यह प्रतिभाशाली बेटी भिंड जिले में वर्ष 2017बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर एवं मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा वर्ष 2024 में स्टेट आईकॉन रह चुकी है। पूजा गत दो वर्ष से भारतीय डाक विभाग मुम्बई में पोस्टल असिस्टेंट की जिम्मेदारी भी संभाल रही है।

*बेटियों को प्रेरित करने का माध्यम मणिकर्णिका*
स्व. नेहा अभिषेक श्रीवास्तव की स्मृति में गत पांच वर्ष से बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा आयोजित किए जा रहे मणिकर्णिका सम्मान समारोह को लेकर डॉ वसंत श्रीवास्तव- एड. नीरजा श्रीवास्तव कहते है कि देश की प्रतिभाशाली बेटियों को सम्मानित कर वह अपनी बेटी को अपने बीच महसूस करते है। सम्मान समारोह की संयोजक गौरी पदम ने बताया कि यह समारोह बेटियों को प्रेरित करने वाला माध्यम बन रहा है। उन्होंने बताया कि समाजसेवी धीरज बोथरा संचालक बोथरा शॉपिग सेंटर, विवेक मालवीय कांतिशिवा ग्रुप बैतूल, बंटी मालवीय रामकृष्ण बगिया, एचमार्ट धीरज हिराणी, अतुल गोठी होटल आईसीईन, राजेश आहुजा आदित्य होण्डा शोरुम, निर्गुण देशमुख-कमलेश गढ़ेकर वीवीएम बैतूल, समाजसेवी मनीष दीक्षित, अतीत पंवार, अभिमन्यु श्रीवास्तव प्रबंधक एमपी विनियर्स प्राईवेट लिमि, हेमंत पगारिया पगारिया स्टेशनरी एंड स्पोर्ट्स, डॉ कृष्णा मौसिक आरके मेमोरियल हॉस्पीटल बडोरा, प्रशासन, जनप्रतिनधियों के साझा प्रयास से जिले में आयोजित किया जाता है।