मणिकर्णिका के मंच पर नजर आएगी ओडिसी नृत्य की झलक

इंटरनेशनल ओडीसी डांसर ममता ओझा करेगी शिरकत

बैतूल। आगामी 28 सितंबर को बैतूल में स्व. नेहा अभिषेक श्रीवास्तव की स्मृति में आयोजित मणिकर्णिका सम्मान समारोह में न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हो रहे है अपितु कला एवं संस्कृति के माध्यम से देश का नाम दुनिया में रोशन करने वाले कलाकार भी मणिकर्णिका सम्मान समारोह-2025 में भागीदार बन रहे है। इस वर्ष मणिकर्णिका सम्मान के लिए देश की प्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना ममता ओझा बैतूल आ रही है। ममता ओझा नृत्य मयूरी की संस्थापक और निदेशक होने के साथ विभिन्न नृत्य संस्थानों में प्राचार्य, प्रशिक्षक एवं निदेशक भी है। उन्होंने कई मंचों पर निर्णायक की भी भूमिका निभाई है। मणिकर्णिका सम्मान समारोह की संयोजक गौरी पदम ने बताया कि इंटरनेशनल आर्टिस्ट ममता ने बैतूल में बेटियों के सम्मान के मंच पर भी अपनी प्रस्तुति देने के लिए सहमति दी है। गौरतलब है कि डॉ वसंत श्रीवास्तव, एड. नीरजा श्रीवास्तव, धीरज बोथरा संचालक बोथरा शॉपिग सेंटर, विवेक मालवीय कांतिशिवा गु्रप बैतूल, एचमार्ट धीरज हिराणी, अतुल गोठी होटल आईसीईन, राजेश आहुजा आदित्य होण्डा शोरुम, निर्गुण देशमुख-कमलेश गढ़ेकर वीवीएम बैतूल, समाजसेवी मनीष दीक्षित, अतीत पंवार, अभिमन्यु श्रीवास्तव प्रबंधक एमपी विनियर्स प्राईवेट लिमि, हेमंत पगारिया पगारिया स्टेशनरी एंड स्पोटर््स, डॉ कृष्णा मौसिक आरके मेमोरियल हॉस्पीटल सहित प्रशासन एवं जनप्रतिनधियों के साझा प्रयास से जिले में आयोजित होने वाले मणिकर्णिका सम्मान ने महज 6 वर्ष में पूरे देश में अलग पहचान बनाई है।
पदमश्री और पद्मविभूषण गुरुओं से सीखा नृत्य
ममता ओझा, प्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगनाओं में से है जिनका जन्म 10 जून 1979 को ओडिशा के कटक में ब्रह्मानंद ओझा और स्वर्गीय प्रभावती ओझा के घर हुआ था।उन्होंने अपनी पेशेवर यात्रा कम उम्र से ही शुरू कर दी थी, जब उनकी दादी उन्हें गुरु आशीष दास के पास ले गईं और उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुडक़र नहीं देखा। गुरु आशीष दास के साथ अपना प्रारंभिक करियर शुरू करने के बाद ममता ने गुरु पद्मश्री कुमकुम मोहंती से भी नृत्य कला सीखने का अवसर मिला। उन्होने कुछ समय तक महान गुरु पद्मविभूषण केलुचरण महापात्र से भी ओडिसी नृत्य सीखा। ममता ओझा ने अपने करियर में कई पुरस्कार प्राप्त किए है।

गुरु और शिष्या देंगी शिव तांडव की प्रस्तुति
ममता ओझा ने बैंकॉक (एआईटी), कैलिफ़ोर्निया, अमेरिका, हवाई, होनोलूलू, पश्चिमी बर्लिन, जर्मनी एवं पाकिस्तान के मंचों पर भारतीय कला एवं संस्कृति का मान बढ़ाया है। यह अंतरराष्ट्रीय कलाकार बैतूल में आयोजित मणिकर्णिका सम्मान में शिरकत कर रही है। देश के विभिन्न मंचों पर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। लोसूंग महोत्सव सिक्किम, दक्षिण एशियाई मैत्री युवा महोत्सव धुडिके,करनूल,अंतर्राष्ट्रीय नाट्य एवं नृत्य महोत्सव, हलदिया उत्सव, निर्महल महोत्सव उदयपुर, राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान गोवा, दक्षिण एशियाई मैत्री युवा महोत्सव गुलमर्ग, जम्मू और कश्मीर, कोणार्क महोत्सव, बाराबती नृत्य महोत्सव कटक, वन मेला, त्रिपुरा, ग्रेट इंडियन वूमेन अवार्ड सोनी टी.वी, मानभूमि मेला, पुरलिया, पश्चिम बंगाल, श्रीक्षेत्र मोहोत्सव कोलकाता पश्चिम बंगाल, उत्कल पूजा गोवा, माउंट आबू (राजस्थान), संगीत नृत्य महोत्सव विशाखापट्टनम ,भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला आईआईटीएफ, कालाहांडी महोत्सव, रथयात्रा महोत्सव विजाग, अंतर्राष्ट्रीय कला और शिल्प महोत्सव केरल, पुरी बीच फेस्टिवल, मानसून महोत्सव केरल, किबिथू अरुणाचल प्रदेश सहित सैकड़ों मंच पर वह अपनी टीम के साथ प्रस्तुति दे चुकी है। बैतूल में मणिकर्णिका के मंच पर अंतरराष्ट्रीय ओडीसी डांसर ममता ओझा एवं उनकी शिष्या द्वारा शिव तांडव की प्रस्तुति भी दी जाएगी।