सरहद पर सेना को मिला परिवार जैसा माहौल, तिरंगा राखी बांधकर खुश हुए जवान

भारत पाक सीमा सादकी, हुसैनीबाला, मौजम बेस पर पहुंची बैतूल की बेटियां
13 अगस्त को सुबह 2 बजे सरहद से घर लौटा राष्ट्र रक्षा मिशन दल

बैतूल। राष्ट्र रक्षा मिशन-2025 के अंतर्गत फाजिल्का जिले की अबोहर तहसील अंतर्गत स्थित भारत पाक सीमा सादकी, मौजम बेस एवं फिरोजपुर जिले के अंतर्गत हुसैनीवाला में तीन दिनों तक फ्रंट लाईन योद्धाओं के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति की अध्यक्ष गौरी बालापुरे पदम एवं भारत सिंह पदम के नेतृत्व में 22 सदस्यीय दल 7 अगस्त को बैतूल से बार्डर के लिए रवाना हुआ था। इस दल ने पहले दिन फाजिल्का में 19 बटालियन के हेडक्वार्टर में सैकड़ों सैनिकों को राखी बांधी गई। वहीं अगले दिन फाजिल्का के अंतर्गत भारत पाक सीमा की अंतरराष्ट्रीय सादगी व मौजम बेस सीमा चौकी पर पहुंचकर जवानों की कलाई पर राखी बांधकर, रुमाल भेंट कर एवं मुंह मीठाकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। इस दौरान संस्था के सदस्यों ने रक्षाबंधन, देशप्रेम एवं मनोरंजन के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। समिति द्वारा डीआईजी एवं कमांडेंट को स्मृति चिन्ह भेंट कर राष्ट्र रक्षा मिशन को सफल बनाने में सहयोग हेतु आभार माना।

डीआईजी एवं तीन बटालियन कमांडेट ने की सराहना
बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा 26 वर्ष से चलाए जा रहे राष्ट्र रक्षा मिशन की सीमा सुरक्षा बल अबोहर मुख्यालय के डीआईजी विजय कुमार, 55 बटालियन के कमांडेट अजय कुमार एवं 65 बटालियन के कमांडेंट वीरेन्द्र कुमार 19 बटालियन के कमांडेंट सुनील सोईबाम ने सराहना करते हुए कहा कि हजारों मीटर की दूरी तय कर बहनें सैनिकों के साथ रक्षा बंधन मनाने सरहद तक पहुंची है। इस तरह के प्रयास सैनिकों का हौसला बढ़ाते है। सेना के संघर्ष में देशवासी भी साथ होते है और उनका हौसला बढ़ाते है। अधिकारियों ने स्कूली बच्चों द्वारा बनाएं गए ग्रीटिंग्स देखकर उन शिक्षकों को भी शुभकामनाएं दी जो बच्चों को राष्ट्रप्रेम से जोड़ रहे है। इस दौरान 19 बटालियन में आयोजित कार्यक्रम में द्वितीय कमान अअिधकारी गुंजन कुमार, डिप्टी कमांडेंट मंजीत सिंह व अन्य अधिकारियों एवं जवानों को भी राखी बांधी गई। देश की रक्षा में तैनात फौजी बहनों ने भी बैतूल से राष्ट्र रक्षा मिशन दल में शामिल भाईयों को राखी बांधी। उन्होंने कहा कि सरहद पर इस तरह त्यौहार का माहौल देखकर उन्हें भी घर की याद आ गई।
फिरोजपुर में अमर क्रांतिकारियों के बलिदान गाथा से रुबरू हुई टीम

तीसरे दिन 11 अगस्त को राष्ट्र रक्षा मिशन का दल फिरोजपुर पहुंचा। यहां सेक्टर हेड क्वार्टर के डीआईजी के निर्देशन में दल ने रिट्रीट सेरेमनी देखी। यहां भी बीएसएफ जवानों को राखी बांधी गई। फिरोजपुर हुसैनीवाला बार्डर पर शहीद भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु के बलिदान एवं संघर्ष की डाक्यूेंट्री देखी एवं म्यूजियम, समाधी स्थल का भी विजिट किया। रात 3 बजे सेक्टर से दल को रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया। जहां से सुबह 4.10 बजे पातालकोट एक्सप्रेस रवाना होगा राष्ट्र रक्षा मिशन का दल 13 अगस्त को सुबह 1.30 बजे बैतूल पहुंचा। समिति अध्यक्ष गौरी पदम ने राष्ट्र रक्षा मिशन के 26वें पड़ाव को सफल बनाने में सहयोगी सभी सैन्य अधिकारियों एवं जिले के सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक एवं राष्ट्र पे्रमी बैतूल वासियों का आभार माना है।

राष्ट्र रक्षा मिशन के 26वें पड़ाव के यह बने साक्षी
बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति के राष्ट्र रक्षा मिशन-2025 में इस वर्ष भारत पदम, गौरी पदम, वंश पदम, अरुण सूर्यवंशी, नीलम गंगारे, तनय गंगारे(11 माह) प्रचिति कमाविसदार, छाया प्रजापति, सरिता अतुलकर, नीलेश उपासे, कल्पना मालवी, वरुण यादव, लता नागले, मंजुलता नागले, उषा देशमुख, चंद्रप्रभा चौकीकर(60 वर्ष), प्रिया सुनारिया, गरिमा वागद्रे, स्मृति सूर्यवंशी, उर्वशी सूर्यवंशी (वष), दक्ष सूर्यवंशी (3 वर्ष)शामिल हुए।