बैतूल जिले की बहुप्रतीक्षित 660 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल ईकाई की स्थापना के लिए विधायक डॉक्टर पंडाग्रे कर रहे हैं लगातार प्रयास

बैतूल जिले की बहुप्रतीक्षित 660 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल ईकाई की स्थापना के लिए विधायक डॉक्टर पंडाग्रे कर रहे हैं लगातार प्रयास। *सारनी*— पर्यावरण संरक्षण के नाम पर नये थर्मल पावर प्लांट का विरोध करने में अर्बन नक्सलवादी पीछे नहीं है। कभी एन जी टी में शिकायत तो कभी पर्यावरण विभाग में शिकायत। नये ताप विद्युत गृहों का निर्माण नहीं होगा तो बिजली की मांग की आपूर्ति कैसे होगी। वैसे भी परियोजना को 10 -12 वर्ष की देरी हो चुकी है। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के ताप विद्युत गृह के साथ ही वेस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड की नई खदान खोलने की लगातार मध्यप्रदेश शासन ने चिंता की है। सारनी के पहले दौरे में 2×660 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल यूनिट लगाने की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी। वेस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड पाथाखेडा की बंद होती भूमिगत खदानों के स्थान पर गांधी ग्राम और तवा-3 नई खदान खोलने के लिए शासन के प्रयास के साथ ही क्षेत्रीय सांसद दुर्गादास उइके और आमला सारनी विधायक डॉक्टर योगेश पंडाग्रे का प्रयास सराहनीय रहा है। फरवरी 2009 में सतपुड़ा -2 खदान के पास बैतूल जिले के पांचों विधायकों को लेकर केंद्र की कांग्रेस सरकार की भेदभाव की नीति के विरोध में कोल सत्याग्रह भी तत्कालीन मुख्यमंत्री ने किया था।

यूनियन की लगातार मांग पर 24 अगस्त 23 को शिवराज सिंह चौहान ने सारनी में 660 मेगावाट ईकाई की शिलान्यास के साथ अनेक योजनाओ का भूमिपूजन किया। विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन के प्रांतीय महामंत्री सुशील शर्मा ने बताया कि यूनियन लगातार शांतिपूर्ण ढंग से अगस्त 2017 से पत्र लिखकर कर 2×660 मेगावाट ईकाई की स्थापना करने की माँग करती रही है। विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन ने नगर पालिका परिषद सारनी के चुनाव 2017 के दौरान भी फुटबाल मैदान पाथाखेडा और दूसरी बार 2018 में विधान सभा चुनाव के समय भी तत्कालीन मुख्यमंत्री को 2× 660 मेगावाट इकाई की स्थापना के लिए ज्ञापन सौंपा था। विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन के क्षेत्रीय महामंत्री अंबादास सूने ने बताया कि सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में वर्तमान में 500 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के समय देश के 17 विद्युत मंडलों में मध्य प्रदेश विद्युत मंडल अग्रणी रहा है।मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के उज्जवल भविष्य के लिए सारनी में 2×660 मेगावाट और अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई में 1×660 मेगावाट इकाई स्थापित करने के लिए यूनियन 2017 से लगातार पत्राचार करती रही है, जिसके कारण शासन ने 04 जनवरी 2022 को अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई में 1×660 मेगावाट की ईकाई को स्थापित करने की केबिनेट ने स्वीकृती दी। राज्य शासन ने अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के लिए ₹4665-65 करोड स्वीकृत किए। दूसरी ओर सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के लिए ₹5392 करोड स्वीकृत किए है, जिसमें सोलर पावर प्लांट का भी निर्माण होना है। एनटीपीसी कंसल्टेंसी विंग नोएडा को ₹ 55 करोड स्थानांतरित किए हैं ,जिससे नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन लिमिटेड सुपर क्रिटिकल 1×660 ईकाई स्थापित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगी। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड चचाई के साथ एस ई सी एल के ज्वाइंट वेंचर का यूनियन विरोध करती है। ऐसे किसी भी प्रकार के निजीकरण का यूनियन विरोध करेगी। सुपर क्रिटिकल यूनिट को वेस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड की दो नई खदानें गांधीग्राम और तवा-3 से कोयले की आपूर्ति होगी। विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन के क्षेत्रीय महामंत्री अंबादास सूने ने बताया कि हाल ही में आमला – सारनी विधायक डॉक्टर योगेश पंडाग्रे से बैतूल में चर्चा कर अवगत कराया गया है कि 660 मेगावाट ईकाई स्थापित करने के लिए भेल (BHEL) ने टेन्डर दिया है लेकिन कंपनी के अनुसार प्रति मेगावाट रेट अधिक होने से जनरेटिंग कंपनी प्रबंधन ने टेन्डर फाइनल नहीं किया है। डॉक्टर योगेश पंडाग्रे ने दूरभाष पर बताया कि कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह से नई ईकाई को स्थापित करने के लिए लगातार सार्थक चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने हाल ही में 660 मेगावाट की एक ओर ईकाई स्थापित करने की केबिनेट ने स्वीकृती दी है। विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन को ज्ञात हुआ है कि भेल से इकाई के निर्माण को लेकर कंपनी प्रबंधन लगातार वार्ता कर रहा है। यूनियन मांग करती है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव केंद्र सरकार से बात कर भेल (BHEL)को जनरेटिंग कंपनी के साथ सकारात्मक सहयोग करने का प्रयास करना चाहिए। जिससे 660 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल यूनिट की स्थापना शीघ्र हो सके। यूनियन ने पत्र के माध्यम से मांग की है कि दोनों इकाईयों का संचालन एवं संधारण का अधिकार मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के पास ही रहे। यूनियन ने टाउनशिप के आधार पर कवर्ड कालोनी, नया शापिंग काम्प्लेक्स, चिकित्सालय में स्थायी डाक्टर्स एवं आधुनिक सुविधायें की भी मांग की है। कंपनी को सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारीयों के अनुभवों का लाभ कंपनी हित में लेना चाहिए है। 20 वर्षों से पर्याप्त नई भर्ती नहीं होने से अनुभवी अधिकारी,कर्मचारीयों की बहुत कमी है।

अच्छे अनुभवी इंजीनियर्स और कर्मचारीयों को कंपनी को रखना चाहिए जिससे परियोजना को निर्धारित समय पर पूरा कर सके। मुख्य मंत्री डाक्टर मोहन यादव के नाम यूनियन ने ज्ञापन मुख्य अभियंता वी के कैथवार को सौंपा। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता एस एन सिंह, अंबादास सूने क्षेत्रीय महामंत्री, धर्मेंद्र धुर्वे, अमित सल्लाम, जितेन्द्र वर्मा और निर्मल प्रजापति सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।