अफीम की खेती : किसानों के मन की बात

अब क्षेत्र के किसान भी मानने लगे हैं कि बैतूल जिले का वातावरण ऐसा है कि यहां पर अफीम की खेती के लायक वातावरण है।

बैतूल मै अफीम की खेती : गांव वाले प्याज समझते रहे और निकली अफीम

घोड़ाडोंगरी : इन दिनों क्षेत्र में सबसे अधिक चर्चा का केंद्र है अफीम की खेती । पुलिस ने शनिवार को क्षेत्र में एक बड़ी कार्यवाही की और सड़कवाडॉ ग्राम के स्कूल मोहल्ला के एक किसान भिकारी लाल धुर्वे के खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती का मामला उजागर हुआ इस मामले से जहां ग्राम वासी अड़ोसी पड़ोसी सहित क्षेत्रवासी स्तब्ध रह गए हैं। चर्चाओं की माने तो ग्रामीण इस खेती को नई किस्म की प्याज की खेती समझ रहे थे और जब पता चला कि अफीम की खेती हो रही थी तो बड़ी संख्या में ग्रामीण जन घटना स्थल पर पहुंचे और लहलहाती अफीम की खेती देखकर स्तब्ध रह गए।

वहीं लोगों की चर्चाओं के अनुसार अब क्षेत्र के किसान भी मानने लगे हैं कि बैतूल जिले का वातावरण ऐसा है कि यहां पर अफीम की खेती के लायक वातावरण है। लोगों की चर्चाओं में ग्रामीणों का किसानों का भी मानना है कि बैतूल जिले को भी अफीम की खेती करने का शासन को परमिशन देनी चाहिए ताकि किसान भी लाइसेंस लेकर खेती कर सके और अपना जीवन स्तर सुधार सके ।

घोड़ाडोंगरी तहसील क्षेत्र के सड़क वाडॉ ग्राम में लगभग 1 एकड़ क्षेत्र में अफीम की खेती का पर्दाफाश पुलिस द्वारा करने के बाद लोग अफीम की खेती के बारे में गूगल और यूट्यूब पर सर्च करके अफीम की खेती के बारे में जान रहे हैं । क्षेत्र में आज रविवार को भी हर जगह अफीम की खेती ही चर्चा का केंद्र रही। कई चौक चौराहों पर जब ग्रामीणों से इस बारे में बात की तो उनका भी कहना रहा की सरकार को बैतूल जिले में अफीम की खेती के लिए परमिशन देना चाहिए । वही हमने आदिवासी नेता जागरूक किसान कान्हावाडी के पूर्व सरपंच नरेंद्र उईके,किसान नेता भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजेश महतो , किसान नेता कांग्रेस के मंडल अध्यक्ष नरेंद्र महतो से भी चर्चा की । इन किसान नेताओं ने भी स्वीकार किया कि शासन को बैतूल जिले में किसानों का जीवन स्तर ऊंचा उठने के लिए अफीम की खेती के लिए परमिशन देनी चाहिए। जब मध्य प्रदेश के मंदसौर और नीमच जिले में परमिशन दी जा रही है तो बैतूल जिले में भी परमिशन देना चाहिए।