बलात्कार करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास

 

13 वर्षीय बालिका को जबरदस्ती जंगल ले जाकर उसके साथ बार-बार बलात्कार करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं कुल 7,000रू के जुर्माने से दंडित किया गया।
माननीय अनन्य विषेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.), ने 13 वर्षीय नाबालिग बालिका को जबरदस्ती जंगल ले जाकर उसके साथ बार-बार बलात्कार करने वाले आरोपी अजय कास्दे पिता रामसिंह कास्दे, उम्र-26 वर्ष, निवासी-थाना सारणी, जिला-बैतूल (म.प्र.) को दोषी पाते हुए, धारा धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट समाहित धारा 376(3), 376(2)(एन) भादवि में दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5,000रू. जुर्माना, धारा 366 भादवि में दोषी पाते हुए 05 वर्ष कठोर कारावास एवं

1,000रू. के जुर्माना तथा धारा 363 भादवि के अपराध का दोषी पाते हुए 03 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1,000रू. जुर्माना से दण्डित किया गया। प्रकरण में म.प्र. षासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी श्री एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विषेष लोक अभियोजक श्री ओमप्रकाष सूर्यवंषी द्वारा पैरवी की गई।
घटना का संक्षिप्त विवरण है कि दिनांक 25-05-2022 को पीड़िता के द्वारा थाना सारणी में आरोपी अजय कास्दे के विरूद्ध इस आषय की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख करायी कि वह अपनी दादी के साथ रिष्तेदार के यहां शनिवार शादी में आयी थी,

अगले दिन शाम को करीब 05ः00 बजे वह शौच करने गांव के पास नदी की ओर गयी थी, तभी आरोपी अजय कास्दे उसके पास आया और जबरदस्ती उसका हाथ पकड़कर उसे जंगल की ओर ले गया, वह चिल्लाई किंतु कोई नहीं आया। आरोपी ने उसे रात भर जंगल में रखा और उसके साथ जबरदस्ती बुरा काम (बलात्कार) किया, अगली सुबह पीड़िता ने आरोपी से घर जाने को कहा, तो आरोपी ने पीड़िता को घर नहीं जाने दिया, बल्कि एक-दो दिन तक उसे जंगल में घुमाता रहा और जंगल में उसके साथ कई बार गलत काम (बलात्कार) किया। पीड़िता घर जाने का कहती रही

, परंतु आरोपी उसे घर नहीं जाने देता था, फिर अगले दिन सुबह आरोपी ने उसके साथ फिर से बुरा काम किया, उसके बाद उसने पीड़िता को उसकी बुआ के घर के पास लाकर छोड़ा और वहां से भाग गया। पीड़िता ने घर आकर सारी बात अपनी बुआ को बतायी। पीड़िता की षिकायत के आधार पर पुलिस थाना सारणी में आरोपी अजय कास्दे के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गयी। विवेचना के दौरान पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया था, आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस थाना सारणी द्वारा आवष्यक अनुसंधान पूर्ण कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र

माननीय अनन्य विषेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। विचारण में अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिसके आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध पाकर दंडित किया गया।

प्रकरण को जघन्य, चिन्हित एवं सनसनीखेज प्रकरणों की सूचीं में रखा गया था। जिसकी समय-समय पर जिला दण्डाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं जिला अभियोजन अधिकारी की समिति के द्वारा समीक्षा की गयी।