‘कालों के काल – महाकाल’ भगवान भोलेनाथ, भगवान शंकर कई नामों से प्रसिद्ध हैं। भगवान शिव भक्तों के आराध्य देव हैं। हिंदू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित है। सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए सबसे उत्तम दिन माना गया है। ऐसा माना जाता है कि सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा आराधना करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होते हैं।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार सोमवार के दिन यदि पूजा में शिव चालीसा का पाठ किया जाए तो जीवन में आई परेशानियां दूर हो जाती हैं। शिव चालीसा के पाठ से भगवान शिव जल्द प्रसन्न होते हैं।
शिव चालीसा पाठ-विधि
शिव चालीसा का पाठ करने के लिए व्यक्ति को प्रात: काल उठकर, स्नान कर, साफ़ कपड़े पहनने चाहिए।
पूजा करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपका मुंह पूर्व दिशा की ओर रहे।
पूजा में धूप, दीप, सफ़ेद चंदन, माला और सफ़ेद फूल रखें। साथ में भगवान शिव को भोग लगाने के लिए मिश्री का प्रसाद बनाएं।
शिव चालीसा का पाठ शुरू करने से पहले गाय के घी का दीपक भगवान शिव के सामने प्रज्वलित करें और एक लोटे में शुद्ध जल भरकर भगवान शिव के आगे रख दें।
शिव चालीसा का पाठ पूर्ण हो जाने के बाद कलश के जल से सारे घर में छिड़काव करें और थोड़ा सा जल स्वयं आचमन करें।
इसके बाद भगवान शिव को मिश्री का भोग लगाएं और वह प्रसाद बच्चों में बांट दें।







