गुरु सिंह सभा घोड़ाडोंगरी द्वारा गुरु नानक जी का जयंती पर्व आज बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। करीब एक पखवाड़े से गुरु नानक जी की जयंती का पर्व सिख समाज द्वारा बड़े ही उत्साह से मनाया जा रहा था। नगर में प्रतिदिन सुबह शब्द कीर्तन किए जाते थे। गुरुद्वारे से सुबह 5 बजे नगर में शब्द कीर्तन करते हुए प्रभात फेरी निकाली जाती थी। कल रविवार को नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। आज सोमवार को सुबह से ही गुरुद्वारे में कीर्तन पाठ अरदास भजन का आयोजन हुआ। दोपहर बाद गुरुद्वारे में विशाल लंगर का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में नगर वासियों ने भजन प्रसाद ग्रहण किया।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरुनानक जयंती मनाई जाती है.। इस बार गुरुनानक जयंती 27 नवंबर यानी आज मनाई जा रही है. हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जाती है. इस दिन आयोजित होने वाली सभाओं में गुरु नानक देव के द्वारा दी गई शिक्षाओं के बारे में बताया जाता है और गुरु ग्रंथ साहिब पाठ किया जाता है. गुरुद्वारों में आज के पूरे दिन सेवा और भक्ति का संगम चलता है. इस मौके पर आपको बताते हैं गुरुनानक देव जी द्वारा दिए गए जीवन के संदेशों और शिक्षाओं के बारे में.
गुरु नानक की शिक्षाएं
आज भी गुरु नानक देव की शिक्षाएं सही रास्ते पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित करती हैं. उनके अनुयायी इन्हें नानक और नानक देव, बाबा नानक और नानक शाह जी जैसे नामों से संबोधित करते हैं. गुरुद्वारों में कीर्तन व लंगर का आयोजन किया जाता है. सिख धर्म के लोग इस दिन को एक उत्सव की तरह मनाते हैं. गुरुनानक जी ने अपने उपदेशों से लोगों को जीवन की सही राह दिखाई.
गुरुजी की 10 शिक्षाएं
1. परम-पिता परमेश्वर एक है.
2. हमेशा एक ईश्वर की साधना में मन लगाओ.
3. दुनिया की हर जगह और हर प्राणी में ईश्वर मौजूद हैं.
4. ईश्वर की भक्ति में लीन लोगों को किसी का डर नहीं सताता.
5. ईमानदारी और मेहनत से पेट भरना चाहिए.
6. बुरा कार्य करने के बारे में न सोचें और न ही किसी को सताएं.
7. हमेशा खुश रहना चाहिए, ईश्वर से सदा अपने लिए क्षमा याचना करें.
8. मेहनत और ईमानदारी की कमाई में से जरूरत मंद की सहायता करें.
9. सभी को समान नज़रिए से देखें, स्त्री-पुरुष समान हैं.
10. भोजन शरीर को जीवित रखने के लिए आवश्यक है. परंतु लोभ-लालच के लिए संग्रह करने की आदत बुरी है.







