हनुमान ढोल से लेकर चिखलार मार्ग के बीच भूस्खलन की संभावना

कई पेड़ गिरने की कगार पर

प्रकाश सराठे

 

रानीपुर। बैतूल के कमानी गेट से लेकर परासिया तक 124 किलोमीटर का मार्ग निर्माण किया गया और इस मार्ग का निर्माण मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेट कॉरपोरेशन के माध्यम से किया गया लेकिन वन विभाग के माध्यम से चिखलार से लेकर हनुमान ढोल तक मार्गों को सीधा किए जाने की अनुमति न दिए जाने के कारण कई स्थानों पर बारिश में भूस्खलन होने की संभावना व्यक्त की जा रही है,वर्तमान समय में लगातार बारिश का दौर जारी है और ऐसी स्थिति में लोक निर्माण,परिवहन वन विभाग सहित अन्य विभागों के माध्यम से हनुमान ढोल से लेकर चिकलार तक सावधानी बरते जाने के लिए किसी भी तरह का कोई सूचनार्थ बोर्ड नहीं लगाया गया है। बारिश के मौसम में

हनुमान डोल से लेकर चिखलार के बीच का जो मार्ग है इसमें ज्यादा घाट है और घाट सेक्शन में कई ऐसे पेड़ है जो गिरने की कगार पर है कई बार तो तेज बारिश होने की वजह से चट्टानों का मलबा गिर कर मुख्य मार्ग पर एकत्रित हो जाता है। ऐसा नहीं कि इस तरह की घटना की जानकारी जिला प्रशासन परिवहन विभाग,वन विभाग को ना हो लेकिन उसके बाद भी भूस्खलन की वजह से कोई गंभीर रूप से घायल ना हो जाए इसको लेकर किसी भी तरह की कोई सावधानी नहीं बढ़ती जा रही है।सात जुलाई को कोयलांचल क्षेत्र पाथाखेड़ा के पंडित जवाहरलाल नेहरू वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद मनोज ठाकुर के ऊपर हनुमान डोल के आसपास के क्षेत्र में पेड़ की टहनी टूट कर गिर जाने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और सात जुलाई से लेकर समाचार लिखे जाने तक उनका उपचार भोपाल के एम्स

अस्पताल में चल रहा है इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसको लेकर लोक निर्माण और वन विभाग को सूचनार्थ बोर्ड लगाने की जरूरत है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्य थे जिचुराते दिखाई दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में लगातार हो रही बारिश से घाट सेक्शन में कई स्थानों पर भूस्खलन होने की संभावना से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है और इसकी चपेट में आने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोग गंभीर रूप से घायल भी हो सकते हैं। इस वजह से सावधानी के लिए सूचनार्थ बोर्ड की आवश्यकता पढ़ रही है।

Transfer : पुलिस विभाग में इन कर्मचारियों के हुए ट्रांसफर