अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य (राज्यमंत्री दर्जा) के रूप में नियुक्त हुए मंगल सिंह धुर्वे

बापी बेन

खबर एक मजबूत जमीनी नेता की कहानी बताती है, जिनकी पहचान मेहनत, सरल स्वभाव और लगातार जनसेवा से बनी है।

मंगल सिंह धुर्वे ने अपनी राजनीति की शुरुआत बिल्कुल जमीनी स्तर से की। उन्होंने ग्राम पंचायत से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करते हुए सरपंच का चुनाव जीता और यहीं से लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा— 2005 के आसपास सरपंच के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई 2010 में दोबारा सरपंच बनकर विश्वास को और मजबूत किया 2015 में जिला पंचायत सदस्य चुने गए अपने सरल और मिलनसार स्वभाव के कारण जिला पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली,

2016 में विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल कर विधायक बने, राजनीति में कई उतार-चढ़ाव भी आए—2018 और 2023 में टिकट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने संगठन और जनता से जुड़ाव बनाए रखा। 2022 में फिर से जिला पंचायत सदस्य बनकर उन्होंने यह साबित किया कि उनकी पकड़ जमीनी स्तर पर हमेशा मजबूत रही है। अब अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य के रूप में उनकी नियुक्ति उनके लंबे अनुभव, समर्पण और जनहित में किए गए कार्यों का सम्मान है।

यह जिम्मेदारी उन्हें समाज के वंचित और आदिवासी वर्ग के लिए और बेहतर काम करने का अवसर देगी। अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य (राज्यमंत्री दर्जा) के रूप में नियुक्त होने पर मंगल सिंह धुर्वे जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आपकी यह उपलब्धि आपके वर्षों के संघर्ष, समर्पण और जनसेवा का परिणाम है। आशा है कि आप इस महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन करते हुए समाज के वंचित वर्गों के उत्थान में नई ऊंचाइयां स्थापित करेंगे। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको निरंतर सफलता और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे।

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