*कागज पर सहमति दर्ज का दबाव*

आशीष उघड़े

*कागज पर सहमति दर्ज का दबाव, ठेका मजदूरों के वेतन शोषण का नया खेल उजागर*

*सारनी संवाददाता*

सारनी/ पाथाखेड़ा क्षेत्र में ठेका मजदूरों के शोषण का एक नया और गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेकेदार अब प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए मजदूरों से लेटर पैड,कागज पर लिखित सहमति ले रहे हैं, जिसमें उन्हें कम वेतन स्वीकार करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ताकि होने वाली प्रशासनिक कार्यवाही से बचा जा सके।

सूत्रों के अनुसार, मजदूरों को उनके घर जाकर या ठेकेदारों के ठिकानों पर बुलाकर दबाव बनाया जा रहा है कि वे लिखकर दें कि उन्हें निर्धारित से कम मजदूरी स्वीकार है। यह तरीका प्रशासनिक जांच से बचने और कागजी रूप से खुद को सुरक्षित दिखाने की नई रणनीति बताया जा रहा है।मामले में यह भी सामने आया है कि कुछ सुपरवाइजर मजदूरों से वेतन वापस लेने की गारंटी लेकर काम कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, प्रति मजदूर से रकम वसूलने पर उन्हें अतिरिक्त ₹500 तक दिए जाने की बात भी चर्चा में है। इस प्रक्रिया के तहत मजदूरों की दैनिक मजदूरी का बड़ा हिस्सा कथित रूप से वापस लिया जा रहा है।

इधर, प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। एसडीपीओ प्रियंका करचाम, थाना प्रभारी जयपाल इवनाती और चौकी प्रभारी मनोज उईके की मौजूदगी में कई मजदूरों के बयान दर्ज किए गए हैं।

मजदूर संगठनों ने संबंधित अधिकारियों से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। नेताओं ने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए कहा है कि क्षेत्र में मजदूरों के साथ हो रहे अन्याय को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।