बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी नगर परिषद में शासकीय भूमि की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है भूमाफिया, भू एजेंट का मुख्य व्यवसाय आबादी भूमि का क्रय विक्रय का हो गया है और सबसे बड़ी बात यह है कि जिनके कंधों पर शासकीय आबादी भूमि को बचाने की जवाबदारी है नगर परिषद घोड़ाडोंगरी ऐसी शासकीय भूमि की रजिस्ट्रियों को नामांतरण करने में लगी हुई है।
सूचना के अधिकार में दे रहे गलत जानकारी

सूचना के अधिकार के तहत दिलीप अग्रवाल द्वारा लगाए गए आवेदन में वर्ष 2020 के बाद नगर परिषद द्वारा आबादी भूमि में जारी की गई एनओसी के संबंध में जानकारी चाही गई तो नगर परिषद के सीएमओ द्वारा उन्हें पत्र द्वारा अवगत कराया गया कि इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा गया है । इस तरह जानकारी देने के नाम पर गुमराह किया जाता है ।वहीं खरीदी बिक्री करने के लिए नगर परिषद द्वारा एनओसी भी जारी की जा रही है और रजिस्ट्री के आधार पर नामांतरण करने के लिए बाकायदा विज्ञप्ति भी प्रकाशित की जा रही है । स्थिति यह है कि आपत्ती आने के बाद भी बिना आपत्ति का निराकरण किये नामांतरण कर दिया जा रहा है।
तहसीलदार ने किया आदेश शासकीय भूमि है आबादी भूमि नामांतरण और हस्तांतरण नहीं किया जा सकता
कई मामलों में तहसीलदार घोड़ाडोंगरी ने आबादी भूमि 667 को लेकर फैसला दिया है कि आबादी भूमि 667 शासकीय भूमि है इस भूमि का क्रय विक्रय और हस्तांतरण नहीं किया जा सकता है उसके बावजूद नगर परिषद के अधिकारी सूचना पटल पर ही नामांतरण से संबंधित सूचना लगाकर नामांतरण भी कर रहे हैं।
धारणा अधिकार के आवेदन कलेक्टर ने किए निरस्त
मध्य प्रदेश शासन की धारणाधिकार योजना के तहत पीढ़ियों से काबिज लोगों ने आवेदन किए थे ।कलेक्टर बैतूल ने घोड़ाडोंगरी में आबादी भूमि 667 में किए गए आवेदनों को निरस्त कर दिया कारण यह रहा की जितनी आबादी भूमि है उससे एक एकड़ अधिक भूमि बेची जा चुकी है जांच में आया है कि आबादी भूमि जितनी है उससे अधिक आबादी भूमि अब हो रही है ऐसी स्थिति का खामियाजा उन लोगों को भुगतना पड़ रहा है जो पीढ़ियों से अपनी जमीन पर काबिज है और इन भूमाफियाओं के कारण अपनी जमीन का हक शासन की योजना में पाने से वंचित रह गए हैं।
शासन रिकॉर्ड में दर्ज है 667 आबादी भूमि शासकीय भूमि
राजस्व रिकॉर्ड में देखने पर आबादी भूमि 667 शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है और फिर भी नगर परिषद घोड़ाडोंगरी में बैठे जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी इस शासकीय भूमि की हो रही रजिस्ट्री के लिए बाकायदा एनओसी जारी कर रहे हैं और नामांतरण भी कर रहे हैं लेकिन जिनका सौदा पट जाये।







