*सड़क पर उतरी कांग्रेस, किया जमकर प्रदर्शन*

प्रकाश सराठे

*मनरेगा में कानूनी बदलाव के खिलाफ सड़क पर उतरी कांग्रेस, किया जमकर प्रदर्शन*
*​घोड़ाडोंगरी में आर-पार की लड़ाई का बिगुल: पुराने अस्पताल के पास दिया धरना, केंद्र सरकार की नीतियों को बताया मजदूर विरोधी**

रानीपुर ।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे वैधानिक बदलावों और काम के कानूनी अधिकार को सीमित करने के प्रयासों के विरोध में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी घोड़ाडोंगरी द्वारा पुराने अस्पताल के सामने दो घंटे तक विशाल धरना प्रदर्शन कर शक्ति प्रदर्शन किया गया।
*​मजदूरों के हक पर प्रहार बर्दाश्त नहीं: नरेंद्र महतो*
​ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार महतो के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। महतो ने संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा का मूल ढांचा ग्रामीणों को काम की गारंटी देना है। सरकार इसमें वैधानिक बदलाव कर गरीबों के संवैधानिक अधिकारों को समाप्त करना चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस अब चुप नहीं बैठेगी और मजदूरों के हक के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

*​बापू की पुण्यतिथि पर हुंकार*
​यह प्रदर्शन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष नीलय डागा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने दोपहर 12:00 से 2:00 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि गांधी जी के सपनों के भारत में ग्रामीणों को स्वावलंबी बनाने वाली इस योजना को कमजोर करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
​काम के अधिकार को सीमित करने का आरोप
​प्रदर्शन में प्रमुख रूप से शामिल मंडलम अध्यक्ष अशोक राठौर एवं युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रुपेश भोरवंशी ने संयुक्त बयान में कहा कि सरकार की नीतियां गरीब विरोधी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में कटौती और तकनीकी बदलावों के नाम पर मजदूरों को काम से वंचित करने की साजिश रची जा रही है। यह प्रदर्शन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि उन लाखों परिवारों की रोजी-रोटी की रक्षा के लिए है जो मनरेगा पर निर्भर हैं।
*​सैकड़ों कार्यकर्ताओं का जुटा हुजूम*
​धरना प्रदर्शन के दौरान घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शन के अंत में महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने की रणनीति पर चर्चा की गई। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि

सरकार ने अपने फैसले वापस नहीं लिए, तो आंदोलन को पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा।धरना प्रदर्शन में सम्मिलित कांग्रेस वरिष्ठ नेता कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह राजपूत ,महेश मालवीय, राहुल इवने पार्षद ,दिलीप यादव, योगेंद्र कवाडे पार्षद, आजाद सिंह, इमरान राजा खान ,मुकेश मोहबिया, शुभम साहू ,बालक राम, जंगल धुर्वे, अनिल झल्लारे ,मोहन सिंहअकोले ,मोहित आकोले,सुशील धुर्वे ,नंदराम, कमल वरकडे, कपूर चंद वर्मा, कमलेश नाथ, कृष्णा बाईन, शिव शंकर बिघरे, राजेश राजपूत, कृष्ण राव खातरकर,संजय साल्वे, शामिल हुए