पति की हत्या करने वाली पत्नि देवकी काकोड़िया पत्नि स्वर्गीय दिनेश काकोड़िया उम्र 40 वर्ष निवासी बजरंग मोहल्ला, सोनाघाटी, थाना कोतवाली बैतूल, जिला बैतूल को विशेष न्यायालय (एस.सी. व एस.टी. एक्ट) बैतूल द्वारा धारा 302 भादवि के अपराध में दोषसिद्ध पाते हुये आरोपिया को आजीवन कारावास एवं 1000 रूपये के जुर्माने से दण्डित किया गया। प्रकरण में राज्य की ओर से *सहायक निदेशक अभियोजन बैतूल श्री सत्यप्रकाश वर्मा* द्वारा अभियोजन संचालन किया गया। *सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री अजीत सिंह* द्वारा उक्त प्रकरण के पैरवी में विषेष सहयोग प्रदान किया गया।
*घटना का संक्षिप्त विवरणः-*
आरोपिया देवकी काकोड़िया अपने पति दिनेष काकोड़िया, ससुर किशन काकोड़िया, बेटा अक्षय तथा चोपना निवासी सूरज बंगाली के साथ बजरंग मोहल्ला, सोनाघाटी में रहते थे। मृतक दिनेश काकोड़िया शराब पीकर अपनी पत्नि से लड़ाई-झगड़ा करता रहता था। दिनाँक 07/08/2023 को रात्रि करीब 09ः30 बजे मृतक दिनेश ने अपनी पत्नि से सूरज बंगाली को लेकर झगड़ा किया था और कुछ देर बाद वह सो गया था। रात के करीब 02ः00-02ः30 बजे उसकी पत्नि देवकी ने अपनी पीले रंग की साड़ी को अपने पति के गले में लपेटी और सूरज बंगाली ने मृतक के दोनों पैरों में सफेद गमछा बांधकर पैर
पकड़कर रखे और मृतक की पत्नि देवकी ने उसका साड़ी से गला घोट दिया जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
मृतक के पुत्र अक्षय ने अपने चाचा को जाकर बताया कि पापा उठ नहीं रहें है, चलकर देख लो, तो उसने जाकर देखा कि दिनेश काकोड़िया चित्त अवस्था में लेटा हुआ था, उसने उसे हिलाया-डुलाया तो वह नहीं उठा, फिर उसने देखा कि मृतक दिनेष के गले में गोल काला निषान दिख रहा था व उसकी भाभी घर पर नहीं थी। उसने भाभी को बुलाया और उससे पूछा कि भाई की मृत्यु कैसे हुई तो उसकी भाभी ने कुछ नहीं बताया, तत्पष्चात उसने उक्त घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपिया को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की तो उसने अपराध स्वीकारते हुये यह बताया कि दिनाँक 07/08/2023 को उसका पति दिनेष उससे शराब के नषे में लड़ाई-झगड़ा कर रहा था, जब उसका पति सो गया तो उसने उसके साथ रह रहे सूरज बंगाली की मदद से अपनी साड़ी से अपने पति का गला घोट दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। आरोपिया को गिरफ्तार किया गया, मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया, आरोपिया के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। आवष्यक विवेचना उपरान्त अभियोग पत्र माननीय विषेष न्यायालय (एस.सी.व एस.टी. एक्ट) बैतूल के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन ने विचारण में अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया जिसके परिणामस्वरूप माननीय न्यायालय ने आरोपिया को अपने पति की हत्या का दोषी पाते हुये आजीवन कारावास एवं जुर्माने से दण्डित किया गया।
नोटः- प्रकरण में सह-अभियुक्त सूरज बंगाली घटना के समय नाबालिग होने से उसके विरूद्ध किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष अभियोग पत्र पृथक से प्रस्तुत किया गया था।







