प्रदेश और बैतूल जिले में यादव समाज को प्रतिनिधित्व देने की मांग

यादव समाज को संख्या बल के अनुसार प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर राष्ट्रीय यदुवंशम् सेना ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

बैतूल सहित प्रदेश में यादव समाज की उपेक्षा का आरोप

प्रदेश और बैतूल जिले में यादव समाज को प्रतिनिधित्व देने की मांग

बैतूल। राष्ट्रीय यदुवंशम् सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पवन यादव के नेतृत्व में यादव समाज को भारतीय जनता पार्टी में संख्या बल के अनुरूप प्रतिनिधित्व नहीं मिलने को लेकर मध्य प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी हेमंत खंडेलवाल को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन विशेष रूप से मध्य प्रदेश और बैतूल जिले में यादव समाज की राजनीतिक उपेक्षा के संबंध में दिया गया।
ज्ञापन में अवगत कराया गया कि पूरे मध्य प्रदेश में यादव समाज की संख्या लगभग अस्सी लाख है, वहीं बैतूल जिले में यादव समाज के लगभग दो लाख अस्सी हजार मतदाता हैं। यादव समाज बैतूल जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाता है। इसके बावजूद पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में यादव समाज को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं दिया जा रहा है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि यादव समाज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कार्यप्रणाली पर गर्व करता है और लगातार पार्टी को पूर्ण बहुमत प्रदान करता आ रहा है। इसके बाद भी जब प्रदेश, जिला या विभिन्न मोर्चों की कमेटियों का गठन किया जाता है तो यादव समाज को नजरअंदाज किया जाता है। प्रदेश कमेटी, मुख्य जिला कमेटी और पार्टी के विभिन्न मोर्चों जैसे युवा मोर्चा, किसान मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, महिला मोर्चा, छात्र मोर्चा और अधिवक्ता एवं विधि प्रकोष्ठ में अध्यक्ष पदों पर यादव समाज को संख्या बल के अनुसार प्रतिनिधित्व नहीं दिया जा रहा है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि हाल ही में बैतूल जिले में जिला अध्यक्ष पद पर भी यादव समाज को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया, जबकि अन्य समाजों को, जो संख्या में कम हैं, कई बार यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे यादव समाज में यह भावना बन रही है कि उसे केवल वोट बैंक के रूप में उपयोग किया जा रहा है।

राष्ट्रीय यदुवंशम् सेना ने ज्ञापन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा सबका साथ सबका विकास है, लेकिन मध्य प्रदेश, विशेषकर बैतूल जिले में यह नारा पूरी तरह से लागू होता दिखाई नहीं दे रहा है। जिले में कुछ गिने-चुने लोगों का विकास तो नजर आता है, लेकिन सभी समाजों को समान अवसर नहीं मिल पा रहा है। यादव समाज को चुनाव के समय छोटे-मोटे पद देकर संतुष्ट करने का प्रयास किया जाता है, जो अब समाज को स्वीकार्य नहीं है।

ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि यादव समाज का युवा वर्ग अब पूरी तरह जागरूक हो चुका है और यदि आगे भी इसी तरह संख्या बल के अनुरूप प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया तो समाज को मजबूरी में अन्य राजनीतिक दलों को समर्थन देने पर विचार करना पड़ेगा। यह स्थिति नर्मदापुरम और बैतूल जिले में लगातार बनती जा रही है।

अंत में राष्ट्रीय यदुवंशम् सेना की ओर से मांग की गई कि यादव समाज को प्रदेश स्तर से लेकर जिला स्तर तक, विशेष रूप से बैतूल जिले की मुख्य कमेटी और सभी मोर्चों में अध्यक्ष पदों पर संख्या बल के अनुसार प्रतिनिधित्व दिया जाए, ताकि सबका साथ और सबका विकास का संदेश वास्तव में बैतूल जिले में भी साकार हो सके। यादव समाज ने अपेक्षा जताई कि उसे उसका हक मिलेगा और समाज आगे भी पार्टी के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।