मंदिरों की सफाई से लेकर सुंदरकांड तक, जन्म जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम

प्रकाश सराठे

भगवान तुल्य थे वाजपेयी: मंदिरों की सफाई से लेकर सुंदरकांड तक, जन्म जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम

रानीपुर।भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती पर भाजपा घोड़ाडोंगरी मंडल द्वारा भोपाली में सेवा, श्रद्धा और स्मरण का आयोजन किया गया। मंडल अध्यक्ष राजेश महतो के नेतृत्व में भोपाली के समस्त मंदिर परिसरों में साफ-सफाई की गई और हनुमान मंदिर में सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ। इसके बाद दीपोत्सव मनाकर अटल जी को पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में वरिष्ठ, ज्येष्ठ, श्रेष्ठ, युवा कार्यकर्ता एवं महिला मातृशक्ति की सक्रिय सहभागिता रही।
मंडल अध्यक्ष राजेश महतो व मंडल कार्यकारिणी सदस्यों ने सबसे पहले भोपाली स्थित अंबा माई परिसर, शिव गुफा और काला बाबा मंदिर में श्रमदान कर स्वच्छता अभियान चलाया। तत्पश्चात हनुमान मंदिर में सुंदरकांड पाठ हुआ। इस अवसर पर वक्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन, विचार और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया और उन्हें “भगवान तुल्य व्यक्तित्व” बताया।
कार्यक्रम में अटल जी के राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि वे अपनी दृढ़ राजनीतिक प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे। 13 अक्टूबर 1999 को उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के प्रमुख के रूप में लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। 1996 में भी वे अल्पकाल के लिए प्रधानमंत्री बने।

पंडित जवाहरलाल नेहरू के बाद वे पहले ऐसे नेता रहे जिन्होंने लगातार दो बार प्रधानमंत्री का दायित्व संभाला।वक्ताओं ने बताया कि अटल जी चार दशकों से अधिक समय तक सक्रिय राजनीति में रहे। वे लोकसभा के नौ बार और राज्यसभा के दो बार सदस्य रहे, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, विपक्ष के नेता और संसद की महत्वपूर्ण स्थायी समितियों के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने भारत की घरेलू और विदेश नीति को दिशा दी। उनके छात्र जीवन का उल्लेख करते हुए कहा गया कि 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेकर उन्होंने राष्ट्रवादी राजनीति में कदम रखा। राजनीति विज्ञान और विधि के छात्र रहते हुए ही उनकी विदेश नीति में गहरी रुचि विकसित हुई, जिसका परिचय उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए दिया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पत्रकार के रूप में की और 1951 में भारतीय जनसंघ से जुड़ने के बाद पत्रकारिता छोड़ दी। वे कवि हृदय भी थे और उनकी कविताएं आज भी प्रेरणा देती हैं।कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक साधारण शिक्षक परिवार में हुआ। महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों के वे प्रबल समर्थक थे। देश और समाज की निस्वार्थ सेवा के लिए उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया और 1994 में वे सर्वश्रेष्ठ सांसद चुने गए।

 

आयोजन के अंत में उपस्थितजनों ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश महतो महामंत्री नारायण मालवी आभाष मिश्रा सुरेखा चौधरी संगीता साहू राकेश अरोरा आशीष वागद्रे, इंदल यादव जगन्नाथ यादव मुकेश यादव धीरेंद्र सिंह ठाकुर डाक्टर भगवानदास सीनोटिया नितेश राठौर सरपंच बबलू वरकडे देशा धुर्वे, उज्जवल मवासे मधु यादव गंगा प्रसाद यादव श्याम यादव आधा सैकड़ो से अधिक भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे ।