अनुभूति शिविर में स्कूली बच्चों ने जाना प्रकृति से जुड़ाव का महत्व

प्रकाश सराठे

 

रानीपुर।वन एवं पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में अनुभूति वर्ष 2025-26 के अंतर्गत रानीपुर वन परिक्षेत्र की बीट पाजर चुना भट्टी क्षेत्र में एक दिवसीय अनुभूति शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें “धरती के दूत” के रूप में तैयार करना रहा।
यह आयोजन मुख्य वन संरक्षक एवं उत्तर वन मंडल अधिकारी बैतूल नवीन गर्ग के निर्देशन एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी झलकन शाह उईके के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शासकीय हाई स्कूल रानीपुर एवं शासकीय हाई स्कूल चिकली आमडाना के विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

प्रकृति पाठ भ्रमण से मिली व्यवहारिक सीख

अनुभूति मास्टर ट्रेनर आर के चौरे एवं प्रेरक हवाल सिंह कासदे प्रेरक कैलाश बारस्कर अनिल डेहरिया महेंद्र नागले सहित के द्वाराअन्य प्रेरकों द्वारा बच्चों को प्रकृति पथ भ्रमण कराया गया। इस दौरान विभिन्न वृक्षों की पहचान, वन्य जीवों के प्रतिनिधि, जड़-मृदा तंत्र की भूमिका, नदियों का जीवन में महत्व तथा मिशन लाइफ के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण में प्रत्येक व्यक्ति के कर्तव्यों को सरल भाषा में समझाया गया।

खेल, प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

‘जल-जंगल की पुकार’, ‘कौन हूं मैं’ जैसे शैक्षणिक खेलों के माध्यम से बच्चों को जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र की जानकारी दी गई। एवं नहीं महुआ बिस्किट वितरण की गई व शिविर में प्रश्नोत्तरी, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।

‘मैं भी बाघ’, ‘हम हैं बदलाव’ और ‘हम हैं धरती के दूत’ थीम पर गीतों पर

विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक नृत्य प्रस्तुत किया। साथ ही बिना सिले कपड़े से थैली बनाकर प्लास्टिक के विकल्प अपनाने का संदेश दिया गया। अनुभूति की शपथ और इको-फ्रेंडली संदेश सभी विद्यार्थियों को अनुभूति की शपथ दिलाई गई एवं अनुभूति किट प्रदान की गई। इको-फ्रेंडली सामग्री के उपयोग, समूह छायाचित्र और बच्चों को भोजन कराने के साथ शिविर का समापन हुआ।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि के रूप में जनपद सदस्य कमलती धुर्वे वन परिक्षेत्र अधिकारी झलकन शाह उईके एवं समस्त परिक्षेत्र सहायक, वनरक्षक, मास्टर ट्रेनर एवं प्रेरक प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।