*ससुन्दरा जलाशय की नहर सफाई न होने से खेतों में नहीं पहुंच रहा नहर का पानी, बोवनी के लिए किसान परेशान*
बैतूल जिले के ससुन्दरा जलाशय से निकली नहर से किसानों को पानी पहुंचाया जा रहा है। जिसके माध्यम से 3 गांवों में नहर का पानी सप्लाई होना था ।नहर की जर्जर स्थिति और सफाई न होने की वजह से आगे के किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है।जिसके लिए किसान स्वयं ही नहर से कचरा हटाते हैं। ताकि वहां तक पानी पहुंच सके।ग्राम ससाबड़ के किसान मुरारी राजपूत ,राजा धाकड़,राधे ,आदि किसानों ने बताया कि ससाबड़ और बल्लाचाल में नहर का काम आज भी अधूरा ही है।सिंचाई के लिए क्षेत्र के किसानों को। ससुन्दरा जलाशय का पानी उपलब्ध कराने की मंशा से शुरू हुआ ।
*ससाबड़ , बल्लाचाल नहर निर्माण का काम अब भी अधूरा है*।
अब तक की सरकारों ने कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। यहीं कारण है कि लग_भग 5 साल बाद भी नहर का काम अधूरा है।
अंधारिया ग्राम के किसान पप्पू झाड़े , मिनेश वर्मा ,ने बताया कि जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को कई बार समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। समय पर मरम्मत न होने से अब समस्या गंभीर हो गई है। नहर के टूटने से कुछ किसानों के खेतों में अत्यधिक पानी भर रहा है, जिससे उनकी फसलें खराब हो रही हैं। कई किसान अपनी फसल बोने में भी असमर्थ हैं। किसानों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।
*किसानों ने रखी मांग*
किसानों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से मांग रखी है कि जल्द से जल्द नहर की मरम्मत कराई जाए। अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो फसलों की बर्बादी के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। प्रशासन की अनदेखी और किसानों की बढ़ती परेशानियों के बीच सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर ध्यान देगा, किसान अब समाधान की उम्मीद में हैं।
*किसानों ने बयां की पीड़ा*
हमने कई बार अधिकारियों को शिकायत की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। नहर का पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा। सिंचाई न होने से हमारी कई बार फसलें सूख जाती हैं। सरकार से निवेदन है कि जल्द से जल्द नहर की मरम्मत कराई जाए।
*राधे बाबा (किसान)*
नहर टूटने से न केवल पानी बर्बाद हो रहा है, बल्कि हमारे खेतों में भी पानी भर गया है। अधिक पानी से फसलें खराब हो रही हैं। जल संसाधन विभाग को कई बार समस्या बताई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला
*मिनेश वर्मा (किसान)*
यह समस्या नई नहीं है। हर साल हमें इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नहर फूटने से सिंचाई का काम प्रभावित हो रहा है। नहर का पानी बेल नदी में व्यर्थ जा रहा है।इस बार अगर समय पर फसल नहीं बोई तो बड़ा नुकसान होगा।
*पप्पू झाड़े, (किसान)*
हमारे यहां कई किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे खेती पिछड़ रही है। कई किसान बुआई नहीं कर पा रहे हैं। दूसरी ओर कुछ किसानों के खेतों में अधिक पानी भर गया है। प्रशासन को इसे तुरंत ठीक करना चाहिए।
*राजा धाकड़ ( किसान)*
खुद कर रहे सफाई: अधिकारी की निष्क्रियता को देखते हुए, मजबूरन किसानों को ही अब अपनी फसलों को बचाने के लिए फावड़े लेकर नहरों की सफाई करनी पड़ रही है।
लापरवाही का आरोप: किसानों का आरोप है कि समय पर सफाई न होने के कारण नहर क्षतिग्रस्त हो गई हैं और उनमें पानी नहीं आ रहा है, जिससे रबी की फसल (गेहूं, सरसों) प्रभावित हो रही है।
सूख रही फसलें: पानी के अभाव में फसलें सूख रही हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का डर है।
अधिकारियों का रवैया: कई जगहों पर शिकायत के बावजूद अधिकारी बजट न होने का बहाना बना रहे हैं या उचित जवाब नहीं दे रहे हैं।







