मणिकर्णिकाओं का सम्मान कर गौरवान्वित है बैतूल-हेमंत खण्डेलवाल

सम्मान के मंच पर बेटियों ने कही संघर्ष और सफलता की कहानियां

डाटर्स डे 28 सिंतबर को जिले के प्रसिद्ध नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ वसंत श्रीवास्तव एवं एड. नीरजा श्रीवास्तव की बिटिया स्व. नेहा अभिषेक श्रीवास्तव की स्मृति मेंं बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा मणिकर्णिका सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि हेमंत खण्डेलवाल, कार्यक्रम अध्यक्ष डीडी उईके केन्द्रीय राज्य मंत्री जनजाति मामले, विशेष अतिथि आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे, मानस मर्मज्ञ पं. कांत दीक्षित, समाजसेवी मुकेश खण्डेलवाल, नगर पालिका अध्यक्ष पार्वती बाई बारस्कर, जिला भाजपा अध्यक्ष सुधाकर पवार, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन सुमीत सिंह, जिला कांगे्रस अध्यक्ष पूर्व विधायक निलय डागा मौजूद थे। मणिकर्णिका सम्मान समारोह का शुभारंभ भारत माता एवं स्व. नेहा के छायाचित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर अतिथियों ने किया, समाजसेवी धीरज बोथरा द्वारा इतनी शक्ति हमें देना दाता गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में डॉ वसंत श्रीवास्तव ने भी अपनी भावनाओं को जाहिर किया और कहा कि जब पहली बार 2022 में कांतिशिवा टॉकीज में बेटी नेहा की स्मृति में मणिकर्णिका कार्यक्रम हुआ तो मेरी नातिन आरिका ने एक बात कहीं थी,कि मेरी मां मेरे साथ हमेशा है और हमेशा रहेगी। डॉ श्रीवास्वत ने कहा कि आज भी मैं वहीं शब्द दोहरा रहा हूं, इन मणिकर्णिकाओं का स्वागत करके, इनके दर्शन करके कि मेरी बेटी मुझे इन मणिकर्णिकाओं में दिखती है। गौरी भारत सिंह पदम बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति, श्रीवास्तव दम्पत्ति, धीरज बोथरा संचालक बोथरा शॉपिग सेंटर, विवेक मालवीय कांतिशिवा गु्रप बैतूल, एचमार्ट धीरज हिराणी, अतुल गोठी होटल आईसीईन, राजेश आहुजा आदित्य होण्डा शोरुम, निर्गुण देशमुख-कमलेश गढ़ेकर वीवीएम बैतूल, समाजसेवी मनीष दीक्षित, अतीत पंवार अध्यक्ष नागरिक बैंक बैतूल, अभिमन्यु श्रीवास्तव प्रबंधक एमपी विनियर्स प्राईवेट लिमि,हेमंत पगारिया पगारिया स्टेशनरी एंड स्पोटर््स, डॉ कृष्णा मौसिक आरके मेमोरियल हॉस्पीटल एवं यथार्थ राजेश गुगनानी संचालक आरके अनमोल श्री गुरुकृपा ट्रेडिंग के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया जिसमें 32 बेटियों एवं महिलाओं को मणिकर्णिका सम्मान-2025 प्रदान किया गया।


मन को छू लेने वाला कार्यक्रम है मणिकर्णिका- हेमंत खण्डेलवाल
एक ऐसा कार्यक्रम जो श्रीवास्तव परिवार के द्वारा किया जाता है, जो मन को छु लेता है। समाज की वो बेटिया जिनकी प्रतिभा, जिनकी क्षमता पे समाज को यकीन नहीं होता आज उनका सम्मान करके हम सब गौरवान्वित है। किसी परिवार में कोई खो जाए तो वह व्यक्ति अपने जीवन में खोया-खोया सा रहता है, लेकिन मैं श्रीवास्तव परिवार को इस बात के लिए बधाई देना चाहूंगा कि एक बेटी नहीं रही तो क्या हुआ, सैकड़ों बेटियों का सम्मान करके आप औरों के लिए प्रेरणा बन गए। हर उस बेटी को धन्यवाद देना चाहूंगा जो समाज की प्रेरणा है, जिससे समाज सीखता है, जो समाज को आगे ले जाने का काम कर रही है। सच पूछो तो जब हम कार्यक्रमों में जाते है लोग कहते है कि हमारी वजह से गौरवान्वित हुए लेकिन मैं यहां कहना चाहूंगा कि ऐसे कार्यक्रम में ऐसे कार्यक्रम आकर और इन बेटियों का सम्मान करके हम गौरवान्वित हुए, बैतूल गौरवान्वित हुआ।

अनुपम, अद्वितीय, असाधारण और प्रेरक कार्यक्रम- डीडी उईके
मणिकर्णिका सम्मान समारोह को अनुपम, अद्वितीय, असाधारण और प्रेरक कार्यक्रम बताते हुए केन्द्रीय राज्य मंत्री डीडी उईके ने कहा कि यह आयेाजन उन बेटियों और महिलाओं को समर्पित है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने कार्यों से समाज में नई पहचान बनाई। अपने साहस और संघर्ष से समाज के लिए प्रेरणा बनी बेटियों का सम्मान कर मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने कहा कि मणिकर्णिका झांसी की रानी लक्ष्मी बाई का बचपन का नाम है, यह कम ही लोग जानते है। उनके नाम पर बैतूल में मणिकर्णिका सम्मान की पहल सराहनीय है। महिलाएं हमारे देश में न कभी पीछे रही न कभी क्षमताओं की उनमें कमी रही। सनातन से महिलाएं हमारे यहां सर्व शक्तिमान थी और समाज में उन्हें श्रेष्ठता भी प्राप्त थी। कोई भी समाज महिला और पुरुष से पूर्ण होता है। दोनों के बिना समाज और राष्ट्र का विकास संभव नहीं है। जिन्होंने कुछ विशेष काम करते हुए समाज को पे्ररणा देने का काम किया है।

मणिकर्णिका के रुप में पदमश्री का होना कार्यक्रम की सफलता

मणिकर्णिका सम्मान समारोह की अवधारणा एवं 6 वर्षों के सफर की पृष्ठभूमि रखते हुए आयोजन समिति के सदस्य समाजसेवी राजेश आहूजा ने बताया कि बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा बैतूल में प्रारंभ किए गए मणिकर्णिका सम्मान को कोविड-19 में श्रीवास्तव दम्पत्ति की बेटी श्रीमती नेहा अभिषेक श्रीवास्तव के असमय निधन के बाद से उनकी स्मृति में आयोजित किया जा रहा है। जिले, प्रदेश के बाद अब मणिकॢणका सम्मान के लिए विभिन्न प्रदेशों से भी प्रतिभाशाली बेटियों का चयन किया जाता है। हमारा प्रयास होगा कि भविष्य में देश के प्रत्येक प्रांत से एक बेटी का चयन मणिकर्णिका सम्मान के लिए किया जाए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ज्योतिषाचार्य पं. कांत दीक्षित ने बैतूल की बेटी स्व. नेहा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जिस जगह मणिकॢणका के रुप में पदमश्री उपस्थित हो यह सबसे बड़ी सफलता है मणिकर्णिका सम्मान समारोह की। कार्यक्रम को पूर्व विधायक निलय डागा ने भी संबोधित किया। इस दौरान उड़ीसा से आई इंटरनेशनल कलाकार ममता ओझा एवं उनकी शिष्या स्वाति द्वारा शिव तांडव एवं महिषासुरमर्दनी नृत्य की प्रस्तुति से समां बांध दिया। कार्यक्रम में पद्मश्री छुटनी महतो, पैरा ओलम्पियन पूजा ओझा, कचरा कैफै की संचालक अंजीता सभलोक, महिला मैकेनिक इंदौर, साहित्यकार आस्था नीरज पूरी, साहसी मां किरण बामने, आरपीएफ प्रधान आरक्षक फराह खान, कराते इंटरनेशनल प्लेयर कल्याणी सहित अन्य ने अपने अनुभव, साहस और सफलता की कहानियां मंच पर कही। मणिकर्णिका सम्मान के दौरान इस वर्ष देश की अंतरराष्ट्रीय भारत पाक सीमा पर रक्षा बंधन मनाने वाले बैतूल सांस्कृतिक समिति के सदस्यों को भी सरहदी सम्मान से नवाजा गया।

इनका हुआ सम्मान
पदमश्री छुटनी देवी महतो (झारखंड), पैरा एथलीट पूजा ओझा, इंटरनेशल ओडीसी डांसर ममता ओझा (उड़ीसा), विंग कमांडर मनाली शुक्ला (तमिलनाडू), ब्लाइंड वूमन क्रिकेट टीम इंडिया की वीकेट कीपर दुर्गा येवले, सीसीएफ बासु कनौजिया, इंटरनेशनल कराते खिलाड़ी कल्याणी कोडोपे, धडक़न शाह, कचरा कैफे भोपाल की संचालक अंजीता सभलोक, डीएसपी शेफा हासमी, जीएसडी इंस्पेक्टर मुम्बई प्राची धोटे, प्रधान आरक्षक आरपीएफ फराह खान, आरक्षक जीआरपी पूजा यादव, कवियत्री आस्था नीरज पुरी(मुम्बई), सुनीता धुर्वे सब इंजीनियर पीडब्ल्यूडी सीहोर, समाजसेवी अलका तातेड़, उद्यमी मधुबाला देशमुख, ढाबा संचालक कल्पना हारोड़े मुलताई, साहसी मां किरण बामने खेड़लीबाजार, उन्नत कृषक बिस्सो बाई धुर्वे घोड़ाडोंगरी, प्रधान आरक्षक विनिता धुर्वे, आरक्षक घोड़ाडोंगरी प्रीति भारती, सविता धुर्वे शाहपुर, शीला पाटिल पुलिस अधीक्षक कार्यालय, स्नेहल परते बैतूलबाजार, मेघा धुर्वे मुलताई, जिया किरार भैंसदेही, विनिता नागवंशी आमला तथा वनपाल विभा चौरसिया तथा वर्ष 2024 में मणिकर्णिका सम्मान में शामिल न हो पाने के कारण वीर वधु संगीता आहके को इस वर्ष सम्मानित किया गया।