स्व. नेहा श्रीवास्तव की स्मृति में डाटर्स डे पर होगा सम्मान समारोह
बैतूल। जिले के प्रतिष्ठित मणिकर्णिका सम्मान समारोह में एक बार फिर विविधताओं का अनूठा संगम देखने मिलेगा। कोविड-19 के बाद जिले के प्रतिष्ठित नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ वसंत श्रीवास्तव एवं एडव्होकेट नीरजा श्रीवास्तव की दिवंगत बेटी स्व. नेहा अभिषेक श्रीवास्तव की स्मृति में बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा मणिकर्णिका सम्मान को समर्पित किया गया है। यह लगातार पांचवा आयोजन है जो बैतूल की बेटी नेहा की स्मृति में आयोजित हो रहा है। मणिकर्णिका सम्मान समारोह में प्रतिवर्ष विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली बेटियों एवं महिलाओं को सम्मानित किया जाता है। मणिकर्णिका के मंच पर एवरेस्ट की ऊंचाई को छूने वाली बेटियों से लेकर देश के सर्वोच्च सम्मान पदमश्री को प्राप्त करने वाली महिलाओं को भी सम्मानित किया गया है। कार्यक्रम संयोजक गौरी बालापुरे पदम ने बताया कि इस बार भी कार्यक्रम में नेशनल और इंटरनेशनल प्रतिभाएं शामिल हो रही है। इसके अलावा जिले की प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया जाएगा। मणिकर्णिका सम्मान समारोह में देश के पहले महिला मैकेनिक गैराज यंत्रिका की तीन सदस्य भी शामिल हो रही है।
6 वर्ष में मणिकर्णिका ने बनाई विशिष्ट पहचान
बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा वर्ष 2020 में मणिकर्णिका सम्मान की शुरुआत की थी। पहले वर्ष में संस्था द्वारा जिले की 42 बेटियों को यह सम्मान प्रदान किया था। वर्ष 2021 से यह सम्मान स्व. नेहा श्रीवास्तव की स्मृति में प्रदान किया जा रहा है। डॉ वसंत श्रीवास्तव, एड. नीरजा श्रीवास्तव, धीरज बोथरा संचालक बोथरा शॉपिग सेंटर, विवेक मालवीय कांतिशिवा गु्रप बैतूल, एचमार्ट धीरज हिराणी, अतुल गोठी होटल आईसीईन, राजेश आहुजा आदित्य होण्डा शोरुम, निर्गुण देशमुख-कमलेश गढ़ेकर वीवीएम बैतूल, समाजसेवी मनीष दीक्षित, अतीत पंवार, अभिमन्यु श्रीवास्तव प्रबंधक एमपी विनियर्स प्राईवेट लिमि, हेमंत पगारिया पगारिया स्टेशनरी एंड स्पोटर््स, डॉ कृष्णा मौसिक आरके मेमोरियल हॉस्पीटल सहित प्रशासन एवं जनप्रतिनधियों के साझा प्रयास से जिले में आयोजित होने वाले मणिकर्णिका सम्मान ने महज 6 वर्ष में पूरे देश में अलग पहचान बनाई है।
देश के लिए मिसाल है इंदौर का महिला मैकेनिक गैरेज
इंदौर की सामाजिक संस्था समान द्वारा देश के पहले महिला मैकेनिक गैराज की शुरुआत की गई है। इस प्रयास से पुरूष वर्चस्व वाले मैकेनिक के रोजगार में महिलाओं को शामिल करने के लिए विशेष प्रयास किया जा रहा है। संस्था द्वारा इंदौर में 300 महिलाओं को मैकेनिक के रोजगार से जोड़ा गया है। ये महिलाएं इंदौर के विभिन्न सर्विस सेंटर्स जैसे टीवीएस, सुजुकी, होण्डा आदि में अच्छे वेतन पर मैकेनिक के रूप में काम कर रही है। समाज में जेण्डर के आधार पर रोजगार के बंटवारे की प्रथा को समाप्त कर मैकेनिक के रोजगार में महिलाओं को समान अवसर प्रदान किया जा रहा है।
20 लाख रुपए से अधिक है महिला मैकेनिक गैराज का सालाना टर्नओवर
इंदौर में देश का पहला महिला मैकेनिक गैराज प्रारंभ किया गया है। इस गैराज में 10 महिला मैकेनिक काम करती है। यह गैराज ये महिलाएं स्वंय संचालित करती है और ये सभी प्रकार के टू-व्हीलर की रिपेयर एवं सर्विसिंग का कार्य कुशलता से करती है। इस गैराज का वार्षिक टर्नओवर 20 लाख रूपए से अधिक है, जो इन्हीं महिला मैकेनिक के कुशल प्रबंधन और परिश्रम का परिणाम हैं। इस गैराज की तीन महिला मैकेनिक मणिकर्णिका सम्मान समारोह में 28 सितंबर को शामिल हो रही है।
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