घोड़ाडोंगरी ।जनजातीय कार्य विभाग एवं मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से संचालित 21वीं सदी के जीवन कौशल आधारित सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार, 29 अगस्त 2025 को कार्यालय जनपद शिक्षा केंद्र, घोड़ाडोंगरी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण का आयोजन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी डी.के. मानकर , ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर पी.सी.बोस की अध्यक्षता में किया गया | इस प्रशिक्षण में 14 जनशिक्षकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण में मुख्य रूप से सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम के दूसरे वर्ष के पाठ्यक्रम को समझने पर विशेष जोर दिया गया। जनशिक्षकों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर गहन विमर्श हुआ, साथ ही प्रथम वर्ष के कार्यक्रम की उपलब्धियों और चुनौतियों पर व्यापक समूह मंथन भी किया गया।
बीईओ श्री मानकर ने कहा की सक्षम जीवन कौशल के सत्र गतिविधि आधारित हैं इसमें खेल सामग्री की उपयोगिता और उपलब्धता विद्यालयों में सत्र के दौरान सुनिश्चित की जाए| बीआरसी पी.सी.बोस ने कहा कि आप सक्षम कार्यक्रम को अपने एकेडमिक और नई शिक्षा नीति 2020 से जोड़कर देखेंगे तो यह कार्यक्रम आपको बच्चों के लिए बहुत सहायक लगेगा और बच्चों का व्यक्तित्व विकास में कारगर रहेगा इसलिए इसे विद्यालय की समय सारणी में भी शामिल किया जाए |
कार्यक्रम के दौरान जेंडर संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ, जिसमें जेंडर परिवर्तन की अवधारणा को समझना और उसे अपनाने का महत्त्व बताया गया। विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक मीना सातनकर तथा जिला प्रबंधक निष्ठा सौदावत ने प्रशिक्षण प्रदान किया,
सक्षम मास्टर ट्रेनर गरिमा पवार ने इस कार्यक्रम में अपनी अहम भूमिका निभाई।
यह प्रशिक्षण जिला बैतूल के शिक्षकों को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप जीवन कौशल से लैस करने और उनके समग्र विकास में सहायक साबित होगा। सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को न केवल छात्रों को बेहतर शिक्षित करने की क्षमता मिलेगी, बल्कि वे स्वयं भी शिक्षण पद्धति की नई दिशा में अग्रसर होंगे।







