*विश्व विख्यात संस्थान ब्रह्मा कुमारीज की शाखा घोड़ाडोंगरी प्रभु उपहार भवन में रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाया गया*
इस कार्यक्रम में बैतूल से पधारी जिले की प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी के द्वारा रक्षाबंधन का आध्यात्मिक रहस्य उद्घाटित किया गया, जिसमें उन्होंने रक्षा बंधन जिसे विष तोड़क पर्व भी कहा जाता है। उन्होंने बताया यह पर्व बुराई रूपी बंधनों से छूटकर अच्छाई एवं नैतिक गुणो के साथ-साथ संबंध जोड़ने का प्रतीक है।जिसमें तिलक अर्थात अपनी श्रेष्ठ वृत्ति में टिकना है की मैं एक विजयी आत्मा हूँ।रक्षा सूत्र बांधना अर्थात एक दूसरे के प्रति पवित्रता के बंधन में बंधना इसलिए रक्षाबंधन पवित्र संबंध में बांधा जाता है, जैसे भाई-बहन या ब्राह्मणो द्वारा अनेको को यह सूत्र बांधते हैं। इस समय परमात्मा शिव स्वयं आकर हम सभी आत्माओं को बुराई के बंधन से मुक्त कर पवित्रता का सूत्र बांधते हैं, जिसके द्वारा आत्मा अपनी कमी कमजोरियाँ,बुराइयाँ, व्यसन इत्यादि से मुक्त होती है। इसी के साथ इस दिन इस पवित्र पर्व में एक दूसरे को उपहार भेंट किया जाता है परमात्मा शिव कहते हैं जीवन का सच्चा उपहार,
सच्ची सुख शांति है मूल्य युक्त जीवन, तो यह तभी प्राप्त होगा जब परमात्मा शिव के पवित्र रक्षा सूत्र को बांधकर दृढ़ प्रतिज्ञा करें कि हम स्वयं के जीवन को मूल्य निष्ट जरूर बनाएंगे। यह आध्यात्मिक रहस्य सबके सामने दीदी जी के द्वारा रखे गए। इस कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज के सदस्य एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, साथ-साथ सभी को नशे से मुक्त रहने की प्रतिज्ञा भी कराई गई।







