आमला-सारणी विधानसभा में 17 नए मतदान केंद्र, युक्तिकरण के तहत पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू
युक्तिकरण के तहत राजनैतिक दलों के साथ बैठक में उपस्थित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार
आमला।। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत आमला-सारणी विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्रों का पुनर्गठन किया जा रहा है। इस संबंध में मंगलवार को तहसील कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें तहसीलदार ऋचा कौरव, नायब तहसीलदार श्याम बिहारी समेले, निर्वाचन शाखा के पर्यवेक्षक दिलीप सोनपुरे तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।बैठक में तहसीलदार ऋचा कौरव ने जानकारी दी कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार युक्तिकरण की प्रक्रिया के तहत उन मतदान केंद्रों की पहचान की जा रही है, जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक है। ऐसे केंद्रों को विभाजित कर नए मतदान केंद्र बनाए जाएंगे ताकि मतदाताओं को आसानी हो और भीड़भाड़ से बचा जा सके।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग मतदान केंद्रों में न जाएं। इसके लिए विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि सभी परिवारजन एक ही केंद्र पर मतदान कर सकें। वर्तमान में आमला-सारणी विधानसभा में कुल 276 मतदान केंद्र हैं, जो पुनर्गठन के बाद बढ़कर 293 हो जाएंगे।
पहले 1500 अब 1200 की सीमा
निर्वाचन शाखा के पर्यवेक्षक दिलीप सोनपुरे ने बताया कि पूर्व में ऐसे मतदान केंद्रों को विभाजित किया जाता था, जहां 1500 या उससे अधिक मतदाता होते थे। लेकिन अब यह सीमा घटाकर 1200 कर दी गई है, जिससे अधिक मतदान केंद्र बनाए जा सकें और मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सके।
ये क्षेत्र आए युक्तिकरण के दायरे में
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, उन केंद्रों का भी पुनर्गठन किया जाएगा जो दो किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित हैं, क्षतिग्रस्त भवनों में संचालित हैं या फिर अनुभागों के लिहाज से उचित नहीं हैं। आमला ब्लॉक में 09 और सारणी ब्लॉक में 08 मतदान केंद्र इस दायरे में चिन्हित किए गए हैं। युक्तिकरण प्रक्रिया के तहत ग्राम बाकुड़, मोरडोंगरी, पाठाखेड़ा (चार केंद्र), सारणी (दो केंद्र), बोडखी शिवाजी वार्ड, अंधारिया, ससुंद्रा, बोरी खुर्द, रतेड़ा कला, बाबरबोह, बामला, बिसखान समेत अन्य ग्रामों में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
शहरी क्षेत्र में भी युक्तिकरण की मांग़
बैठक के दौरान भाजपा के मंडल महामंत्री प्रदीप ठाकुर ,कांग्रेस मीडिया प्रभारी अंकित सूर्यवंशी ने सुझाव दिया कि नगर पालिका चुनावों में शहर में 36 मतदान केंद्र रहते हैं, जबकि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में यह संख्या घटकर 26 रह जाती है। इससे मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है और कई बार लोग मतदान किए बिना ही लौट जाते हैं। उन्होंने मांग की कि विधानसभा व लोकसभा चुनावों में भी नगर पालिका की तर्ज पर अधिक संख्या में मतदान केंद्र बनाए जाएं ताकि सुविधा मिले और मतदान प्रतिशत में इजाफा हो।







