त्यौहार के पहले बहनों को देख खुश हुए जवान, कलाई पर बंधवाई तिरंगा राखी
आज संजीवनी स्कूल में होगा अभिनंदन, 7 को बॉर्डर के लिए होंगे रवाना
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सेना के जवान बहुत कम त्यौहार अपने परिवार के साथ मना पाते है, फिर चाहे वह होली हो या दीपावली या फिर रक्षाबंधन, लेकिन जिस तरह से बैतूल की इस संस्था द्वारा पहल की है वह सराहनीय है।
इस तरह के प्रयास जवानों का हौसला बढ़ाते है। यह बाते वासुसेना आमला के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी केबी सिंह ने उस दौरान कही जब बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति का राष्ट्र रक्षा मिशन 2025 दल आज वायु सैनिकों के साथ रक्षाबंधन मनाने आमला पहुंचा। एक गरिमामय कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष गौरी बालापुरे के नेतृत्व में 25 सदस्यीय दल ने रक्षा बंधन के 4 दिन पहले 5 अगस्त को सैकड़ा भर से अधिक वायु सैनिकों को रक्षा सूत्र बांधे और स्टेशन में पदस्थ अन्य जवानों के लिए भी राखियां,रुमाल एवं मिठाई भेंट की। इस दौरान एओसी आमला की ओर से बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया, वहीं समिति द्वारा भी रक्षा बंधन के पर्व को यादगार बनाने के स्मृति चिन्ह मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया। कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी एवं संस्था के ऑटो एम्बुलेंस सेवा प्रकल्प के आमला संयोजक मनोज विश्वकर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में एयर फोर्स से अजय सिंह एवं आमला के अम्बेडकर वार्ड रेलवे कॉलोनी की पार्षद ओमवती विश्वकर्मा प्रमुख रुप से मौजूद रही। राष्ट्र रक्षा मिशन के 25सदस्यीय दल का अभिनंदन कार्यक्रम 6 अगस्त को संजीवनी हायर सेकण्डरी स्कूल इटारसी रोड पर दोपहर 2 बजे से आयोजित किया है। जिसमें एसपी निश्चल एन झारिया, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन सुमित सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष पार्वती बाई बारस्कर एवं संस्था संरक्षक आदित्य बबला शुक्ला, हेमंत पगारिया, मनीष दीक्षित, हेमंत वागद्रे, परमजीत सिंह बग्गा, डॉ अरुण सिंह भदौरिया सहित अन्य शामिल होंगे।
परिवार की कमी को कर दिया पूरा
इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष ने कारगिल युद्ध के बाद शुरु हुए प्रकल्प राष्ट्र रक्षा मिशन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि कोविड 19 के बाद से राष्ट्र रक्षा मिशन ने एक नई शुरुआत करते हुए पहले घर में और फिर सरहद पर रक्षा बंधन मनान शुरु किया है। बीते चार वर्षों से यह दल पहले आमला पहुंचकर एयर फोर्स और रक्षा बंधन के दिन सरहद पर पहुंचकर फ्रंट लाईन पर तैनात जवानों के साथ राखी का पर्व मना रहे है। उन्होंने यह अपेक्षा भी की नेह के धागों का यह बंधन और परम्परा आगे भी इसी तरह चलती रहे। रक्षा बंधन के पूर्व जब एक साथ इतनी बहनों को जवानों ने देखा तो सभी खुश हो गए। सभी ने राखी बंधवाते हुए कहा भी कि आज परिवार की कमी को आप सभी बहनों ने दूर कर दिया। सेना के जवान त्यौहार के दौरान बहुत कम ही अपने घर जा जाते है ऐसे में राष्ट्र रक्षा मिशन जब आमला पहुंचा तो सभी जवानों को घर के जैसे माहौल देने का प्रयास किया गया। हंसी-ठिठोली और गीतों के बीच रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। संस्था की नन्ही सदस्य एवं श्री श्री ज्ञान मंदिर स्कूल की छात्रा गरिमा वागद्रे ने मां से है माटी गीत पर भावपूर्ण प्रस्तुति दी तो प्रिया सुनारिया के गीतों ने समां बांध दिया।
पहली बार जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाकर गर्व
राष्ट्र रक्षा मिशन के दल में कई सदस्य ऐसे भी है जिन्होंने पहली बार जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाया। उन सभी सदस्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है। इस अवसर पर संस्था की कोषाध्यक्ष जमुना पंडाग्रे,
वरिष्ठ सदस्य वंश पदम, हर्षित पंडाग्रे, प्रचिति कमाविसदार, सीमा विश्वकर्मा, छाया प्रजापति, सरिता अतुलकर, लता नागले, कल्पना यादव, वरुण यादव श्रेया विश्वकर्मा, मंजुलता नागले प्रिया सुनारिया,गरिमा वागद्रे, सहित प्रीति गुजरे, किरण कवडक़र, संजय गुजरे, रितु गुजरे, अर्चना पंडाग्रे, ईशा गुजरे, आदित्य कवडक़र, अभिनव कवडक़र, पूर्वांशी गुजरे, सियांसी गुजरे देश के जवानों के लिए आयोजित इस रक्षा उत्सव में शामिल हुई। अंत में श्रीमती पदम ने आमला एओसी सहित सभी अधिकारियों का आभार माना।







