*अपने विद्यालय में आकर भावुक हुई शिक्षिका,विद्यालय को दी सौगात*
*जिस प्रकार अपने विद्यालय में आकर भूतपूर्व विद्यार्थी* *प्रसन्नचित हो जाते हैं और* *अपने पुराने दिनों को याद करके भावुक हो जाते हैं। उसी प्रकार विद्यालय में अध्यापन* *कराने वाले भूतपूर्व शिक्षक और शिक्षिकाएं भी अपने विद्यालय में आकर अपने पुराने दिनों को याद करते हैं। शनिवार को शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक* *विद्यालय सारनी में ऐसे ही एक भूतपूर्व शिक्षिका ने अपने विद्यालय का भ्रमण किया।*
*1992 से 2003 तक विद्यालय में पदस्थ डॉ रीना जैन मेडम ने अपनी बिटिया के साथ विद्यालय का भ्रमण किया। अपने पुराने दिनों को, स्टाफ को और भूतपूर्व विद्यार्थियों को याद किया। इस अवसर पर प्राचार्य शंकर भंडारे और शाला परिवार ने शाल और श्रीफल भेंट कर मेडम को सम्मानित किया।
डाक्टर रीना जैन मेडम ने बच्चों को संबोधित किया और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। पूरे शाला परिवार की प्रशंसा की। प्राचार्य शंकर भंडारे ने बताया कि मेडम ने विद्यालय के लिए 5001 रुपए की राशि भेंट की। विद्यालय के मरम्मत कार्य के लिए मप्र पा ज कं सारनी से मदद के लिए सहयोग करने की भी बात की।*







