देश के सभी अंचलों का संगीत बड़ा अनूठा है परंपरा हमें एक ही धारा की ओर ले जाती है – मोहन नागर
ऐसे आयोजन से समाज में एक जुटता रहती है- गंगा उइके
भारत में हम सब चाहे जिस भाषा बोली को बोलते हो लेकिन हृदय सेअंर्त्मन से हम सब एक हैं – बंसत कुमार राय
सारनी! मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग के लिए भोजपुरी साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद भोपाल द्वारा महेंद्र मिसिर स्मृति एवं कजरी बिरहा समारोह का शुभारंभ अंबेडकर भवन न्यू मार्केट पाथाखेड़ा सारणी में हर्ष उल्लास के साथ संपन्न हुआ ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मोहन नागर उपाध्यक्ष मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त)
विधायक घोड़ाडोंगरी गंगा सज्जन सिंह उईके,
पूर्व कोल इंडिया प्रभारी बसंत कुमार राय नगर पालिका अध्यक्ष किशोर बरदे, भोजपुरी समाज के वरिष्ठ समाजसेवी सूरज देव सिंह, नपा उपाध्यक्ष जगदीश पवार एस डी एम डॉ. अभिजीत सिंह , भोजपुरी साहित्य अकादमी के कार्यक्रम अधिकारी ओम प्रकाश मैथिल और भोजपुरी एकता मंच के अध्यक्ष रंजीत सिंह,ग्राम भारती महिला मण्ड़ल अध्यक्ष भारती अग्रवाल, बीएमएस महामंत्री, तहसिलदार संतोष पथौरिया, बगड़ोना मण्ड़ल अध्यक्ष दिपक सिनोटिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक जनप्रतिनिधी पार्षदगण उपस्थित थे ! अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया । भारतीय मजदूर संघ के पूर्व कोल इड़िया प्रभारी बंसत कुमार राय
ने अपने उद्बोधन में भारतीय संस्कृति की महत्ता का गुणगान करते हुए कहा कि पूरे भारत में हम सब चाहे जिस भाषा बोली को बोलते हो लेकिन हृदय से, अंतर्मन से हम सब एक हैं ।
जिस तरह से बाग में अनेक पुष्प होते हैं और उन सब की सुगंध पूरे चमन को सुवासित कर गौरवान्वित करती है उसी तरह इस देश के हर क्षेत्र की संस्कृति अपने आप में अनूठी और महान है इसका सम्मान करना हम अच्छी तरह जानते हैं ।
हर ऋतु के अनुसार वहां के गीत संगीत की परंपराएं सदियों से चली आ रही हैं बरसात
आती है तो वर्षा गीतों की भरमार हो जाती है कजरी और बिरहा गायन प्रमुख रूप से पूरे वर्षा ऋतु में जनमानस के कंठ से फूटने लगते हैं और इन गीतों से उत्सव सज जाते हैं ।
यह समारोह भी जो महेंद्र मिसिर की स्मृति के साथ-साथ कजरी और बिरहा गायन को समर्पित है, बहुत ही प्रासंगिक है ।
मुख्य अतिथि मोहन नागर जी मंच पर आए तो सभागार तालियों से गूंज उठा, मोहन नागर जी ने भी देश की एकता और अखंडता की बात की
उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक भारत एक है और भारत श्रेष्ठ है । यहां की संस्कृति विभिन्नता में एकता का संदेश देती है,
देश के सभी अंचलों का संगीत बड़ा अनूठा है, परंपराएं हमें एक ही धारा की ओर ले जाती हैं जिसके मूल में समाया है ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अनेकता में एकता का प्रतीक हमारा देश विभिन्न संस्कृतियों का सुंदर गुलदस्ता है। आयोजन के प्रति कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए मोहन नागर ने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी और इस तरह के आयोजनों के लिए जनमानस को उत्साहित भी किया। कार्यक्रम की विशेष अतिथी घोड़ाडोगरी विधायक गंगा सज्जन सिह उइके ने कजरी बिरह समारोह के आयोजन को लेकर मध्य प्रदेश शासन भोजपुरी साहित्य अकादमी को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन से समाज में एक जुटता रहती है! मैं बचपन से ही कोलांचल क्षेत्र में रहती हूं भोजपुरी समाज के बीच रही हू छठ पूजा में अक्सर में शामिल होती हू सांस्कृतिक कार्यक्रम में जो कलाकारों ने प्रस्तुति दी बहुत सुंदर थी ऐसे सफल आयोजन अक्सर होते रहना चाहिए!
मंचासीन अतिथियों, कलाकारों और आमंत्रित दर्शकों के प्रति आभार प्रकट करते हुए भोजपुरी एकता मंच के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह जी ने सभी के प्रति अभिनंदन के साथ आभार प्रकट किया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन विगत 5-6 वर्षों से चल रहा है और इस क्षेत्र में उत्सव का वातावरण बारहों महीने बना रहता है । अन्य तीज त्यौहारों के साथ छठ पूजा भी प्रमुख रूप से चौदह वर्ष से बड़े उल्लास के साथ मनाई जाती है।
यह परंपराएं हमें एकता के सूत्र में बांधती हैं और हम सब आपस में मिलजुल कर इन उत्सवों को मना कर जीवन की सार्थकता प्रकट करते हैं।
आभार के बाद मंचासीन अतिथियों ने दर्शक दीर्घा में स्थान ग्रहण किया और फिर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आरंभ हुआ ।
संगीत सभा का आरंभ करने
के लिए भोपाल के प्रख्यात गायक सूर्य प्रकाश श्रीवास्तव सत्यश्री अपने साथियों सहित मंच पर पधारे सूर्य प्रकाश, जो कि भारत सरकार की ओर से सांस्कृतिक राजदूत के रूप में मॉरीशस, ओमान के साथ साउथ अफ्रीका की यात्रा कर चुके हैं, उन्होंने पुरबिया सम्राट एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महेंद्र मिसिर जी की रचनाओं पर आधारित गायन का प्रस्तुति करण बड़े प्रभावी ढंग से किया ।
उनकी प्रस्तुति में गायिका के रूप में सुश्री आशी द्विवेदी ने अपने मधुर कंठ से सभी गीतों में सहभागिता की संगत कलाकार के रूप में की बोर्ड पर पवन दुबे , ढोलक पर राजेश ओझा और पेड पर धर्मेंद्र चौकसे ने साथ दिया । सत्यश्री’ जो कि देश-विदेश में आयोजित कार्यक्रमों में श्रीमद् भागवत गीता, गीत रामायण, वीर गाथाएं और अन्य विषयों पर गीत प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किए जाते हैं । सूर्य प्रकाश श्रीवास्तव ‘सत्यश्री’ की सांगीतिक प्रस्तुति के पश्चात अगली प्रस्तुति थी-
बाबा मठारदेव सांस्कृतिक ग्रुप (बीएम इंटरप्राइजेज) सारणी के कलाकारों की इन कलाकारों ने भोजपुरी रचनाओं पर केंद्रित संगीत प्रस्तुति से उपस्थित दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया, प्रमुख रूप से जबलपुर से पधारी सुश्री पूनम त्रिपाठी ने कजरी और बिरहा गायन से उपस्थित दर्शकों को भाव विभोर कर दिया गायकी में उनका साथ दिया असित बिस्वास ने, संगतकार थे ढोलक पर -एस. कुमार नामदेव, बेंजो पर मदन चौधरी, आर्गन पर अभिषेक और और ऑक्टोपेड पर निखिल खातरकर ।
मंच संचालन आकाशवाणी भोपाल के वरिष्ठ उद्घोषक डॉ. अरविन्द सोनी ने किया ।
भोजपुरी साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद के इस प्रतिष्ठित आयोजन में सहयोग स्थानीय प्रशासन, नगर पालिका परिषद, भोजपुरी एकता मंच, डब्ल्यू. सी. एल. एवं एम. पी. पी. जी. सी. एल. – पाथाखेड़ा, सारणी (बैतूल)
दर्शकों की संख्या को देखते हुए सभागार के बाहर बड़ी स्क्रीन पर कार्यक्रम को प्रदर्शित किया गया ।संयोग और वियोग श्रंगार की दोनों ही विधाओं पर कजरी और बिरहा गायन से
उपस्थित दर्शकों ने भरपूर आनंद उठाया ।







