श्रमिकों के हक की गूंज: ठेका श्रमिक संघ का चेतावनी भरा ऐलान, 17-18 जुलाई को विशाल धरना प्रदर्शन और उग्र आंदोलन की तैयारी
सारनी, जिला बैतूल (म.प्र.) —
सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में कार्यरत ठेका श्रमिकों के शोषण को लेकर भारतीय मजदूर ठेका श्रमिक संघ (बी.एम.एस.) ने एक बार फिर अपना रोष प्रकट किया है। मजदूरों की समस्याओं के समाधान हेतु बार-बार आवेदन, निवेदन और न्यायालयीन प्रक्रिया अपनाने के बावजूद जब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तब संघ ने आगामी 17 और 18 जुलाई 2025 को आंदोलन की चेतावनी दी है।
संघ की प्रमुख मांगें:
1. सभी कंप्यूटर ऑपरेटरों को “हाई स्किल्ड” श्रेणी में रखा जाए, जैसा कि श्रम विभाग की गाइडलाइन और पूर्व की व्यवस्था के अनुसार मान्य है।
2. लोकनाथ कंपनी द्वारा निकाले गए तीन श्रमिकों की पुनः बहाली की जाए, जिनका निकाला जाना अन्यायपूर्ण था।
3. सभी ठेका श्रमिकों को शासन द्वारा निर्धारित नया वेतनमान और बकाया एरियर सात दिनों के भीतर दिया जाए।
4. ESP O&M कार्य में कार्यरत श्रमिकों को भ्रामक नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, उन्हें उचित कुशल श्रेणी में रखा जाए और पिछला एक साल का वेतन अंतर (डिफरेंस) भी दिया जाए।
5. लोकनाथ कंपनी द्वारा कंपनी का नाम बदलकर LPC.L करना और पुराने नाम से गेट पास न देना, यह श्रमिकों में भ्रम और असुरक्षा पैदा कर रहा है।
6. CHP में कार्यरत ऑपरेटरों को भी कुशल श्रेणी का वेतन नहीं मिल रहा, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
7. हाउसकीपिंग, डोजर ऑपरेटर और बेल्ट कार्य में कम श्रमिकों से अधिक काम लेना, यह भी गंभीर शोषण का प्रमाण है।
8. सिविल विभाग और हॉस्पिटल में कार्यरत बस चालकों और एंबुलेंस कर्मचारियों से आधा वेतन वसूलना, एक बड़ी धांधली है। इसकी जांच और कार्यवाही होनी चाहिए।
9. टोल नाके और कोल सैम्पलिंग में कार्यरत श्रमिकों को भी कम वेतन दिया जा रहा है, संबंधित ठेकेदार पर पहले भी एफआईआर हो चुकी है, फिर भी कार्यवाही लंबित है।
संघ की चेतावनी:
यदि इन मांगों का चार दिनों के भीतर समाधान नहीं किया गया, तो
17 जुलाई को प्लांट के 7 नंबर गेट पर एक दिवसीय विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा
18 जुलाई को उग्र आंदोलन होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
संघ के पदाधिकारियों का वक्तव्य:
सुनील मारद्वाज (संघ संरक्षक), राजेन्द्र सागर(अध्यक्ष), विनोद भारती (महामंत्री), आदि नेताओं ने स्पष्ट कहा है कि यह आंदोलन श्रमिकों की आवाज़ बनकर उठेगा और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा।
नोट:
यह मांगपत्र मैनेजिंग डायरेक्टर (उत्पादन) शक्ति भवन, जबलपुर को सौंपा गया है, जिसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, श्रम मंत्री, कलेक्टर, विधायक, एसडीएम, श्रम आयुक्त, और पुलिस प्रशासन सहित तमाम जिम्मेदार अधिकारियों को भेजी गई है।
“राष्ट्रहित, उद्योगहित, श्रमिकहित” के ध्येय वाक्य को आत्मसात करते हुए
भारतीय मजदूर ठेका श्रमिक संघ (बीएमएस)
ने इस संघर्ष का बिगुल बजा दिया है।







