*घोड़ाडोंगरी में खुला ‘नवाचार एवं वैज्ञानिक अभिरुचि प्रेरणा केंद्र’*

– *सांदीपनी विद्यालय बना प्रदेश का पहला स्कूल, जहाँ प्रारंभ हुआ यह केंद्र*

घोड़ाडोंगरी | भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसायटी द्वारा घोड़ाडोंगरी स्थित सांदीपनी विद्यालय में नवाचार एवं वैज्ञानिक अभिरुचि प्रेरणा केंद्र की स्थापना की गई है। यह केंद्र न केवल जिले का बल्कि प्रदेश का पहला ऐसा स्कूल आधारित केंद्र है, जो बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और इनोवेटिव थिंकिंग को व्यावहारिक रूप से विकसित करने का प्रयास कर रहा है।

इस केंद्र की स्थापना आईआईटी गांधीनगर के क्रिएटिव लर्निंग सेंटर के श्री पंकज गोधरा की देखरेख में की गई। शुभारंभ कार्यक्रम में सांदीपनी विद्यालय के प्राचार्य श्री विवेक तिवारी, सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. मोनिका जैन, डॉ अनिल सिरवैया, डॉ राजीव जैन, श्री मदनलाल एवं श्री पंकज गोधरा की गरिमामयी उपस्थिति रही।

*उद्देश्य और विशेषताएँ:*

* इस केंद्र का प्रमुख उद्देश्य स्कूली छात्रों में विज्ञान और तकनीक के प्रति रुचि को बढ़ाना और उन्हें पुस्तकीय ज्ञान को प्रैक्टिकल के माध्यम से समझने के अवसर प्रदान करना है।

* यहां विज्ञान आधारित मॉडल्स, टूल्स, चित्र, पुस्तकें, ऑडियो-वीडियो डिवाइस आदि प्रदर्शित किए गए हैं।

* केंद्र में महान भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान पर आधारित जानकारी परक पोस्टर लगाए गए हैं, जिससे छात्र प्रेरणा ले सकें।

* भारत की विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में उपलब्धियों को भी केंद्र में विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

*चयन और स्थापना:*
डॉ. मोनिका जैन ने बताया कि “सांदीपनी विद्यालय घोड़ाडोंगरी ने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार किया है। विद्यालय के प्राचार्य श्री विवेक तिवारी एवं शिक्षकों की सक्रियता और विद्यार्थियों की रुचि को देखते हुए इस विद्यालय का चयन किया गया है।”

*प्रशिक्षण सत्र*
केंद्र के बेहतर संचालन और अधिकतम छात्रों तक इसके लाभ को पहुँचाने हेतु विद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को मॉडल्स और उपकरणों के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में साउंड एक्सपेरिमेंट्स, न्यूटन के नियमों पर आधारित क्रियाएँ, हवा से सायरन की ध्वनि उत्पत्ति, विद्युत उत्पादन प्रक्रिया आदि गतिविधियाँ कराई गईं।

*विशेष आकर्षण:*
प्रशिक्षण सत्र के दौरान आईआईटी गांधीनगर के श्री पंकज गोधरा ने स्वनिर्मित एयरोप्लेन मॉडल को उड़ाकर छात्रों को उड़ान के सिद्धांतों को सरलता और रोचकता से समझाया।

यह केंद्र निश्चित रूप से क्षेत्र के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और उनके भीतर नवाचार की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।