सरस्वती शिशु विद्या मंदिर आठनेर में योग और स्वास्थ्य विषयक जागरूकता सेमिनार का भव्य आयोजन
प्राचार्य श्री वी. के. अमरुते जी एवं डॉ. नवीन वागद्रे द्वारा दीप प्रज्वलन कर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
आठनेर | सरस्वती शिशु विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, आठनेर में आज एक स्वास्थ्य एवं योग जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य वी. के. अमरुते जी एवं मुख्य वक्ता डॉ. नवीन वागद्रे द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में अमरूते जी ने डॉ. वागद्रे जी का स्वागत करते हुए उनका परिचय छात्रों से करवाया और उनके स्वास्थ्य एवं योग क्षेत्र में किए गए योगदान की सराहना की।
इसके पश्चात् डॉ. नवीन वागद्रे ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि योग केवल शारीरिक क्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जीवनशैली है। उन्होंने छात्रों को भक्ति योग, ज्ञान योग, अष्टांग योग एवं कर्म योग जैसे योग के विभिन्न आयामों से परिचित करवाया।
डॉ. वागद्रे ने यह भी बताया कि विद्यार्थी जीवन में योग और ध्यान की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। उन्होंने समझाया कि योग और मेडिटेशन के अभ्यास से स्मरण शक्ति बढ़ती है, मानसिक एकाग्रता आती है, और परीक्षा में भी बेहतर प्रदर्शन संभव होता है।
सेमिनार के दौरान उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली, दिनचर्या, पोषणयुक्त आहार और डिजिटल गैजेट्स से बचाव जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की। साथ ही उन्होंने बच्चों के मेंटल हेल्थ पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. वागद्रे ने अपनी पुस्तक “सीड्स: सेहत और जीवन का संगम” का उल्लेख करते हुए बताया कि अलसी के बीजों में पाए जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड बच्चों की मेमोरी और ब्रेन फंक्शन को बेहतर बनाता है।
इस कार्यक्रम में विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं तथा आचार्य एवं दीदी उपस्थित रहे। अंत में डॉ. नवीन वागद्रे ने विद्यालय परिवार का हृदय से आभार व्यक्त किया कि उन्हें इस विषय पर बोलने का अवसर प्राप्त हुआ।







