माननीय अनन्य विषेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.), ने 16 वर्षीय बालिका के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी दीपक झरबड़े, उम्र-30 वर्ष, निवासी-थाना सारणी, जिला-बैतूल (म.प्र.) को दोषी पाते हुए, धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट समाहित धारा 376(3), 376(2)(एन) भादवि,में 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5,000रू. जुर्माना तथा धारा 506(2) भादवि में दोषी पाते हुए 02 वर्ष कठोर कारावास एवं 1,000रू. के जुर्माना से दण्डित किया गया। प्रकरण में म.प्र. षासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी श्री एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विषेष लोक अभियोजक श्री ओमप्रकाष सूर्यवंषी एवं श्री अमित कुमार राय द्वारा पैरवी की गई।
घटना का विवरण है कि दिनांक 28-07-2022 को 16 वर्षीय पीड़िता ने अपने पिता के साथ थाना सारणी में उपस्थित होकर इस आषय की रिपोर्ट लेख करायी कि वह लगभग 06 माह पूर्व उसकी सहेली एवं आरोपी एवं एक अन्य लड़के के साथ बालाजीपुरम धुमने गयी थी, वहां से वापस आने में उन्हें देर हो गयी, तो वह रात में उसकी सहेली के साथ आरोपी के सारणी स्थित घर में रूक गयी थी, रात के समय वह उसकी सहेली के साथ बाहर वाले कमरे में सोई थी, आरोपी दीपक अंदर के कमरे में सो रहा था, रात के समय आरोपी पीड़िता को जबरदस्ती अंदर वाले कमरे में लेकर गया और पीड़िता के साथ जबरदस्ती
बलात्कार किया। आरोपी ने सुबह भी पीड़िता के साथ बलात्कार किया था और पीडिता को जान से मारने की धमकी दी थी। आरोपी के द्वारा पीड़िता के साथ बलात्कार किये जाने के कारण पीड़िता गर्भवती हो गयी थी, पीड़िता के घर वालों को पीड़िता ने घटना की जानकारी दी थी, जिसके बाद पीड़िता ने घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना सारणी में दर्ज करायी थी। विवेचना के दौरान पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया था, आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस थाना सारणी द्वारा आवष्यक अनुसंधान पूर्ण कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय अनन्य विषेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। विचारण में अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिसके आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध पाकर दंडित किया गया।
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