माननीय अनन्य विषेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.), ने 17 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ छेडछाड़ करने वाले आरोपी मनोज राजुरकर, उम्र-53 वर्ष, निवासी-थाना कोतवाली बैतूल, जिला-बैतूल को धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट समाहित धारा 354 भादवि के अपराध में दोषी पाते हुए 03 वर्ष के कठोर कारावास एवं 3,000रू. के जुर्माना, धारा 354(क) भादवि के अपराध में दोषी पाते हुए 01 वर्ष के कठोर कारावास एवं 2,000रू. से दण्डित किया गया। प्रकरण में म.प्र. षासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी श्री एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विषेष लोक अभियोजक श्री ओमप्रकाष सूर्यवंषी द्वारा पैरवी की गई।
प्रकरण की जानकारी देते हुए अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी अमित राय (एडीपीओ) ने बताया कि प्रकरण की पीड़िता आरोपी मनोज के घर पेटिंग सीखने के लिए जाती थी, दिनांक 12-08-2021 को वह सुबह 09ः30 बजे आरोपी के घर पहुंची, तो आरोपी ने पीड़िता को थोड़ा-बहुत पेटिंग के बारे में बताया, तो पीड़िता प्रेक्टिस करने लगी। फिर आरोपी उसकी पत्नी को छोड़ने कहीं चला गया, फिर 15 मिनट बाद वापस आकर पीड़िता को पेटिंग सिखाने लगा, उस समय आरोपी के घर पर केवल आरोपी और पीड़िता ही थे, आरोपी पीड़िता को पेटिंग सिखाते-सिखाते अष्लील बातें करने लगा और पीडिता के साथ छेड़छाड की, फिर पीड़िता भागकर बाहर निकल आयी और अपने घर चली गयी और सारी बात अपने परिवारजन को बतायी। उसके पश्चात् पीड़िता के द्वारा पुलिस थाना कोतवाली जाकर घटना की रिपोर्ट दर्ज करायी। पीड़िता की षिकायत पर आरोपी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गयी। प्रकरण में आवष्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय अनन्य विषेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया। अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध पाकर दंडित किया गया।







