श्रावण महीने के दूसरे सोमवार शिव धाम भोपाली में श्रद्धालुओं की रही भारी भीड़ l बोल बम के नारों से गूंजायमान हो उठा शिव धाम भोपाली

प्रकाश सराठे

श्रावण महीने के दूसरे सोमवार शिव धाम भोपाली में श्रद्धालुओं की रही भारी भीड़ l बोल बम के नारों से गूंजायमान हो उठा शिव धाम भोपाली रानीपुर l
श्रावण मास के दूसरे सोमवार शिव धाम भोपाली में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने शिवथाम भोपाली शिव गुफा मंदिर मे
पहुंचकर भगवान शिव का पवित्र जल से अभिषेक किया और सुख समृद्धि की कामना की। मंदिरों में सुबह से ही भगवान शिव की पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था, जो देर रात तक चलते रहा। घोड़ाडोगरी ब्लॉक जुवाड़ी के उन्नत किसान नरेंद्र कुमार महतो मयंक महतो बुधराम

विश्वकर्मा ने प्रातः 4:00 बजे रात को भोपाली पहुंचकर शिव गुफा में गंगाजल, दूध, दही से शिवलिंग का ओम नमः शिवाय मंत्रोच्चारण के साथ शस्त्र धारा से जलाभिषेक किया गया एवं बेलपत्र, चावल व पुष्प से भगवान शिव की पूजा की। श्रावण मास के दूसरे सोमवार व बारिश की झड़ी होने के पश्चात भी श्रद्धालुओं को दर्शन करने का सिलसिला लगातार जारी रहा पूरा शिव धाम भोपाली बोल बम के नारों से गूंजयामान हो उठा भक्तों का दर्शन करने का सिलसिला प्रातः 4:00 बजे से देर शाम तक चलते रहा श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से अपने पूजन का इंतजार किया और भगवान आशुतोष का जलाअभिषेक कर क्षेत्र में

अच्छी बारिश वह अच्छी फसल के लिए भोलेनाथ से कामना की इधर रानीपुर के वार्ड क्रमांक 12 में विराजमान भगवान भोलेनाथ सहित अन्य मंदिरों में जलाभिषेक को लेकर सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी पड़ी। वही खेड़ी के कुम्हारिया से निकले कांवड़ियों ने मां ताप्ती का जल भरकर श्रावण मास के दूसरे सोमवार भगवान शिव जी का अभिषेक किया वहीं शिवभक्त सेवा समिति के सदस्य ने मंदिर की साफ सफाई की वह दूर दराज से आए श्रद्धालुओं ने भंडारों के स्टाल लगाए जिसमें साबूदाना की खिचड़ी केला मूंग दाल की खिचड़ी आदि श्रद्धालुओं को वितरित की पंडित अनूप कुमार दुबे बताते हैं कि

भगवान शिव की पूजा कर जरूर चढ़ाए बेलपत्र भगवान शिव की पूजा जब बेलपत्र से की जाती है, तो भगवान अपने भक्त की कामना बिना कहे पूरी कर देते है। वही श्रावण मास में सोमवार को शिव का व्रत करने के दौरान भगवान श्री गणेश, भगवान शिव, माता पार्वती और नन्दी देव की पूजा करनी चाहिए। पूजन सामग्री में जल, दूध, दही, चीनी, घी, शहद, पंचामृत, मोली और वस्त्र समेत जनेऊ, चंदन, रोली, चावल, फूल, बेल-पत्र, भांग, आक-धतूरा, कमल, गट्ठा, प्रसाद, पान-सुपारी, लौंग, इलायची, मेवा व दक्षिणा अर्पित किए जाते है