बलात्कार करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास

 

15 वर्षीय अनुसूचित जनजाति की बालिका का अपहरण कर उसके साथ बार-बार बलात्कार करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास एवं कुल 11,000रू के जुर्माने से दंडित किया गया।
माननीय अनन्य विशेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.), ने 15 वर्षीय अनुसूचित जनजाति की बालिका को बहला-फुसलाकर अपहरण कर उसके साथ बार-बार बलात्कार करने वाले आरोपी रवि कुमार रैकवार पिता दीमानसिंह रैकवार, उम्र-29 वर्ष, निवासी-उदयपुरा, जिला-विदिशा (म.प्र.) को दोषी पाते हुए, धारा 3(2)(अ) एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास एवं 5,000रू. का जुर्माना, धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट समाहित धारा 376(3), 376(2)(एन) भादवि में दोषी

पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5,000रू. जुर्माना तथा धारा 363 भादवि में दोषी पाते हुए 03 वर्ष कठोर कारावास एवं 1,000रू. के जुर्माना से दण्डित किया गया। प्रकरण में म.प्र. षासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी श्री एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विशेष लोक अभियोजक श्री ओमप्रकाश सूर्यवंशी द्वारा पैरवी की गई।

प्रकरण की जानकारी देते हुए अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी अमित कुमार राय एडीपीओ ने बताया कि 15 वर्षीय पीड़िता की मां ने पुलिस थाना कोतवाली में इस आषय की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख करायी कि वह बैतूल जिले के एक गांव में रहती है तथा मजदूरी करने गौठाना के ईट-भट्टे में अपने परिवार सहित पिछले 04 महीने से रह रही है, दिनांक 17-03-2021 को वह उसके पति के साथ ईट भट्टे में मजदूरी करने चली गयी थी। शाम जब वह मजदूरी से वापस आये, तब उसकी बेटी पीड़िता कुंए से पानी लाने के लिए बोलकर कमरे से निकली थी, लेकिन जब वह काफी देर तक वापस नहीं आयी, तब उसने कुंए पर जाकर देखा, वहां पीड़िता नहीं मिली,

पानी की केन कुंए में रखी हुई मिली, उन लोगों ने पीड़िता की काफी तलाष की, पीड़िता के नहीं मिलने पर वह थाने में रिपोर्ट करने आयी है। पीड़िता की मां की षिकायत पर पुलिस थाना कोतवाली में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गयी, विवेचना के दौरान दिनांक 25-05-2021 को पीड़िता को आरोपी के कब्जे से दस्तयाब किया गया। पूछताछ करने पर पीडिता ने बताया कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर बैतूल से होषंगाबाद लेकर गया था और आरोपी ने उसे सेठानी घाट होषंगाबाद के पास एक धर्मषाला के कमरे में रखकर उसके साथ कई बार बलात्कार किया था,

जिसके कारण वह गर्भवती हो गयी है। विवेचना के दौरान पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया था, आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस थाना कोतवाली द्वारा आवष्यक अनुसंधान पूर्ण कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय अनन्य विषेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। विचारण में अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिसके आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध पाकर दंडित किया गया।

 

Comments are closed.