माननीय अनन्य विषेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.), ने अनुसूचित जनजाति की 16 वर्षीय अवयस्क बालिका के साथ छेडछाड़ करने वाले एवं उसे जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी रितेश उर्फ नितेश पिता षिवप्रसाद यादव, उम्र-25 वर्ष, निवासी-थाना आमला, जिला-बैतूल को धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट समाहित धारा 354 भादवि, धारा र्3ं2)(ब)(प) एससी/एसटी एक्ट के अपराध में दोषी पाते हुए 03 वर्ष के कठोर कारावास एवं 4,000रू. के जुर्माना से दण्डित किया गया। प्रकरण में म.प्र. षासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी श्री एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विषेष लोक अभियोजक श्री ओमप्रकाश सूर्यवंशी द्वारा पैरवी की गई।
प्रकरण की जानकारी देते हुए अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी अमित राय (एडीपीओ) ने बताया कि पीड़ित 16 वर्षीय बालिका ने दिनांक 29-07-2021 को पुलिस थाना आमला में उपस्थित होकर इस आषय का लिखित आवेदन प्रस्तुत किया कि उसकी उम्र वर्तमान में 17 वर्ष है,
उसके गांव का रहने वाला आरोपी रितेष यह जानते हुए कि वह अनुसूचित जनजाति की बालिका है, के बावजूद पिछले 01 वर्ष से पीड़िता के पीछे-पीछे आता था। दिनांक 17-10-2020 को सुबह 09ः30 बजे हर्राभाटा गांव के आगे जंगल में उसकी सहेलिया आगे चली गयी थी और वह पीछे रह गयी थी, तब आरोपी रितेष पीछे से आया और बुरी नीयत से उसका हाथ पकड़ लिया और बोल रहा था कि तुझे भगा कर ले जाउंगा, तेरी शादी नहीं होने दूंगा। यदि मुझ से बात नहीं की तो तेरे भाई को जान से खतम कर दूंगा।
उसके बाद पीड़िता ने अपने भाई को घटना के बारें में बताया। पीड़िता की षिकायत पर आरोपी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गयी। प्रकरण में आवष्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय अनन्य विषेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया। अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध पाकर दंडित किया गया।
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