17 सूत्रीय मांग पत्र ऊर्जा सचिव को सौंपकर यूनाइटेड फोरम ने चर्चा के लिए मांगा समय —– परिहार प्रांतीय अध्यक्ष। सारनी — यूनाइटेड फोरम फार पावर एम्पलाइज एवं इंजीनियर्स के प्रांतीय अध्यक्ष व्ही.के.एस.परिहार ने बताया कि 7 अप्रैल 24 को भोपाल के मानस भवन में सभी कंपनियों संयोजक, जिला संयोजक और प्रदेश कार्य समिती के पदाधिकारियों के साथ दिन भर की चिंतन बैठक में विचार विमर्श करने के बाद एक 17 सूत्रीय मांग पत्र तैयार किया गया है। जिसमें प्रमुख रूप से फोरम ने मानव संसाधन संबधी एक रूपता लाने के लिए मध्यप्रदेश पावर मेनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किया जाने की मांग की गई।
पावर मेनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा जारी आदेश को सभी कंपनियों में लागू माना जाए। मध्यप्रदेश शासन के अनुसार चतुर्थ वेतनमान सभी कंपनियों में शीघ्र लागू किया जाए। मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मण्डल के पेंशनर्स को उत्तर प्रदेश सरकार की तरह ट्रेजरी से पेन्शन भुगतान करने की ग्यारंटी और पेन्शन ट्रस्ट में पर्याप्त फंड जमा करवा कर पेंशन की ग्यारंटी अन्य प्रदेशों के समान मध्यप्रदेश में भी शासन द्वारा ग्यारंटी ली जावे। फोरम के संज्ञान में है कि सेवानिवृत्त के समय सभी प्रकार के भुगतान समय पर नहीं किये जा रहें हैं।अभी तक वेतन मानो में हुई विसंगतियों को दूर शीघ्र किया जाए। O3* समाप्त किया जाए। वेतनमान में
अंतर के कारण युवा अभियंता जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड छोड़कर अन्य संस्थान में जा रहें हैं, शासन और विद्युत कंपनी को इस ओर ध्यान देना चाहिए। भाजपा जनसंकल्प 2013 और आंध्रप्रदेश एवं बिहार राज्य शासन के अनुसार ऊर्जा विभाग के संविदा कर्मियों को नियमित करना। विद्युत कंपनियों में उच्च शिक्षा प्राप्त विभागीय कनिष्ठ अभियंताओं को सहायक अभियंता और विभागीय कर्मचारियों को कनिष्ठ अभियंता के पद पर नियुक्ती हेतु आरक्षण नीति बनाई जाए। गुजरात की वितरण कंपनी लाभ में चल रही है।
उसका अध्ययन कर उसी व्यवस्था को मध्यप्रदेश में लागु किया जाए। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह उत्पादन क्षेत्र सारनी फोरम के प्रचार सचिव अंबादास सूने ने बताया कि साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड के साथ पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने मई 2022 में अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई में 660 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल ईकाई के लिए किये समझौते को निरस्त करते हुए ज्वाइंट वेंचर से मुक्त कर पावर जनरेटिंग कंपनी के पूर्ण स्वामित्व में निर्माण किया जाए। 1994 के वेज रिवीजन के बाद लंबित फ्रिंज
बेनेफिट्स का पुनरीक्षण और लंबित कैशलैस मेडीक्लेम पालिसी लागु की जाए। इसके साथ ही अनेक मांगों को लेकर अपर मुख्य सचिव ऊर्जा और प्रबंध संचालक पावर मेनेजमेंट कंपनी लिमिटेड भोपाल को संबोधित पत्र सौंपते हुए माननीय ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को भी ज्ञापन देकर चर्चा हेतु समय मांगा गया है।
Comments are closed.